पिछले आठ दिनों में दीपके के खिलाफ यह दूसरी बार पुलिस कार्रवाई हुई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया था।
इस बार गिरफ्तारी के बाद CJP ने आरोप लगाया कि पार्टी को कई घंटों तक दीपके की लोकेशन की जानकारी नहीं दी गई। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे के मुताबिक, पुलिस ने संसद मार्ग थाने में दीपके के मौजूद होने से इनकार किया और दूसरे थाने में पता करने के लिए कहा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि वकीलों को हिरासत की वजह स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई।
मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची CJP की लीगल टीम
अभिजीत दीपके की पेशी से पहले उनके वकील पुष्प शर्मा और CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। रत्ना सिंह ने बताया था कि दीपके को शनिवार दोपहर करीब 12 बजे SEM के सामने पेश किया जाएगा।
पेशी से पहले पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर सहित नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग भी की है। हालांकि, इन सड़कों पर यातायात की आवाजाही जारी रही।
सुबह 5 बजे रिहा हुईं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा
अभिजीत दीपके के साथ ही AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 लोगों को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 5 बजे नेहा बोरा को रिहा कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
हालांकि, AISA ने नेहा बोरा को हिरासत में रखने के दौरान पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि नेहा को करीब पांच घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें आरके पुरम थाने पहुंचाया गया।
AISA के मुताबिक, आधी रात के आसपास थाने पहुंचे वकीलों को शुरुआत में नेहा से मिलने नहीं दिया गया। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि नेहा के बीमार होने की जानकारी के बावजूद पुलिस ने उन्हें दवाइयां देने से इनकार कर दिया। ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में महिला संगठनों का मार्च
दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) और अन्य संगठनों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया।
इस बीच, अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं कई FIR
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में कई FIR दर्ज की गईं। पुलिस का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कनॉट प्लेस में भीड़ जमा हुई।
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की है।
वहीं, केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ छात्रा और NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन हैं।
शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोका, गाली दी, घसीटा और मारपीट की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
CJP की दो अन्य पदाधिकारी पांच दिन की न्यायिक हिरासत में
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। दोनों को 13 अक्टूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया है। उनकी हिरासत की अवधि 18 अक्टूबर को समाप्त होगी, जिसके बाद पुलिस उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी।