रायपुर 18 अक्टूबर 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 और 23 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह राजधानी रायपुर और बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। उनके प्रवास के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजन प्रमुख आकर्षण रहेंगे। रायपुर में राष्ट्रपति पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। वहीं, जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी।
22 अक्टूबर को रायपुर में रहेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ दौरे का पहला दिन राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों के नाम रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह लोक भवन और इंडोर स्टेडियम में आयोजित आयोजनों में हिस्सा लेंगी।
दोपहर 12:45 बजे: लोक भवन में कार्यक्रम
22 अक्टूबर को दोपहर 12:45 बजे राष्ट्रपति रायपुर स्थित लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस दौरान वह पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। यह कार्यक्रम उनके दौरे के प्रमुख आयोजनों में शामिल है।
शाम 4 बजे: नुआखाई पर्व के कार्यक्रम में होंगी शामिल
राष्ट्रपति शाम 4 बजे रायपुर के बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगी। यहां नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
23 अक्टूबर को जगदलपुर जाएंगी राष्ट्रपति
दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति बस्तर संभाग के जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। उनका यह प्रवास बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह 11 बजे: मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना
23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी। मां दंतेश्वरी को बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी माना जाता है। मंदिर में दर्शन उनके दौरे का प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम होगा।
दोपहर 12:45 बजे: मुरिया दरबार और बस्तर दशहरा
इसके बाद दोपहर 12:45 बजे राष्ट्रपति बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित मुरिया दरबार और सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुरिया दरबार बस्तर की विशिष्ट आदिवासी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।
