छत्तीसगढ़ को ₹8,000 करोड़ की सौगात! कटघोरा से डोंगरगढ़ तक बिछेगी 295 KM लंबी रेल लाइन

रायपुर 27 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों, सड़क निर्माण, पर्यटन, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा। वहीं, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन और मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी देने के साथ कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अलावा बिजली बिल में राहत की अवधि बढ़ाने, कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन और रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

धान खरीदी 15 नवंबर से, 27.50 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी करेगी। इसके लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिससे कुल केंद्रों की संख्या 3100 हो जाएगी।

धान खरीदी की शुरुआत: 15 नवंबर 2026

 

धान का निर्धारित मूल्य: ₹3100 प्रति क्विंटल

 

खरीदी की अधिकतम सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़

 

लाभार्थी: 27.50 लाख से अधिक किसान

 

एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा। उन्हें समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की भी आवश्यकता नहीं होगी। धान खरीदी बायोमेट्रिक व्यवस्था के तहत होगी और डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से रकबे का निर्धारण किया जाएगा।

एम-ऊर्जा योजना की अवधि बढ़ी, 7.25 लाख उपभोक्ताओं को राहत

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान यानी एम-ऊर्जा योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मिलने वाली रियायत जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है।

इस फैसले से लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।

सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीजों को चिकित्सा खर्च का भुगतान स्वयं करके बाद में प्रतिपूर्ति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नई व्यवस्था में पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे गंभीर बीमारी और आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़क निर्माण के लिए ₹130.88 करोड़ की राहत

बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के दौरान वास्तव में खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर ₹130.88 करोड़ की राहत बजट अनुदान के रूप में दी जाएगी।

राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के पात्र अनुबंधों में भी निर्धारित अवधि के दौरान उपयोग किए गए बिटुमिन पर राहत मिलेगी। इसके लिए लगभग ₹70 करोड़ से ₹100 करोड़ तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है। सरकार को उम्मीद है कि इससे लंबित सड़क निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी

प्रदेश में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।

अवधि: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक

कुल प्रस्तावित राशि: ₹500 करोड़

 

वार्षिक प्रावधान: ₹100 करोड़

 

नोडल विभाग: लोक निर्माण विभाग

मिशन के तहत सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, जीआईएस आधारित नियोजन, परियोजनाओं की डीपीआर की अग्रिम तैयारी, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर दिया जाएगा।

पर्यटन विकास के लिए ₹500 करोड़ का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए लगभग ₹500 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

इसके तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित की जाएगी। साथ ही होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

कूंरा नगर पंचायत का नाम बदलकर कुंवरगढ़

कैबिनेट ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल है और अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों तथा तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इसकी ऐतिहासिक पहचान बहाल करने की मांग कर रहे थे।

₹1000 करोड़ या अधिक के कोल गैसीफिकेशन निवेश पर विशेष प्रोत्साहन

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ₹1000 करोड़ या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है।

इसका उद्देश्य राज्य के विशाल कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।

कटघोरा से डोंगरगढ़ तक 295 किलोमीटर रेल परियोजना को मंजूरी

कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

रेल मार्ग की लंबाई: 295 किलोमीटर

अनुमानित लागत: ₹8000 करोड़

प्रस्तावित इक्विटी: लगभग ₹2000 करोड़

राज्य सरकार का योगदान: लगभग ₹1000 करोड़

रेल मंत्रालय का योगदान: लगभग ₹1000 करोड़

राज्य सरकार की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के बाजार तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।

400 करोड़ के निवेश से सोमनी में मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी

राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

परियोजना में लगभग ₹400 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। किसानों से सीधे उपज खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार के अनुसार, इससे 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

राजनांदगांव में 10 एकड़ भूमि पर भंडारण सुविधा

कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कृषि उपज और अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

भूमि का आवंटन निर्धारित शर्तों के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा लागू अधोसंरचना और पर्यावरण उपकर के आधार पर किया जाएगा।

पांच स्थानों पर पुनर्विकास परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी

कैबिनेट ने रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं:

शासकीय पोल्ट्री फार्म, दुर्ग।

वेटनरी हॉस्पिटल परिसर, रामानुजगंज।

जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि।

सक्ती का बुधवारी बाजार।

धमतरी का रुद्री चौक।

इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुरानी शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, नई परिसंपत्तियों का निर्माण, राजस्व वृद्धि और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

उद्योगों के लिए भूमि आवंटन नियमों में संशोधन

छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार, इससे औद्योगिक भूमि के उपयोग की प्रक्रिया सरल होगी, भूमि संबंधी विवाद कम होंगे और खाली या अतिरिक्त भूमि का उत्पादक उपयोग बढ़ेगा। पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामले वापस लेने की प्रक्रिया

कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए आगे की कार्रवाई की अनुमति दी है। यह अनुमति 30 सितंबर 2026 को हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक की अनुशंसा के अनुसार दी गई है।

कृषक उन्नति योजना में बदलाव

खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। धान खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से होगी। इसके साथ धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के मुताबिक, इससे किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। फसल विविधीकरण और किसानों की आय में सुधार भी इस फैसले के घोषित उद्देश्यों में शामिल हैं।

कैबिनेट के अन्य फैसले

सुशासन एवं अभिसरण विभाग: विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) के तीन नए पदों को मंजूरी।

वन विभाग: नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए स्वीकृत।

परिवार पेंशन: स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानते हुए पात्र परिवारजनों को पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति।

अतिरिक्त धान का निराकरण: खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का अनुसमर्थन।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के फैसलों से किसे होगा फायदा?

कैबिनेट के इन निर्णयों में किसानों और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने के साथ सड़क, रेल, पर्यटन, खेल और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया गया है। धान खरीदी की तैयारी, सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज और नई विकास परियोजनाएं प्रमुख फैसले हैं। हालांकि, कई योजनाओं के वास्तविक लाभ उनके क्रियान्वयन, पात्रता नियमों और निर्धारित समयसीमा पर निर्भर करेंगे।