रायपुर 30 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अब इस तूफानी सिस्टम का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अर्नब का बचा हुआ हिस्सा दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। आने वाले समय में इसके कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) में बदलने की संभावना जताई गई है।
कमजोर पड़ रहा चक्रवात अर्नब
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का प्रभाव अब पहले की तुलना में कम होने लगा है। इसका अवशेष सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में तब्दील होने के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है।
हालांकि, सिस्टम के कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश पूरी तरह थम जाएगी। कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना
चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में आज भी बारिश की संभावना जताई है। विशेषकर दक्षिणी हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की स्थिति बन सकती है।
पिछले दो दिनों में तूफान के असर से मौसम में आए बदलाव के कारण कई इलाकों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
धीरे-धीरे सामान्य होगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि चक्रवाती सिस्टम के कमजोर होने के साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि, कुछ स्थानों पर मौसम की गतिविधियां बनी रहेंगी। इसके बाद आसमान साफ होने और तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
