नई दिल्ली 02 नवंबर 2026 : हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। पांच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुरुआत इसी दिन से होती है। धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
हालांकि, धनतेरस के दिन कुछ ऐसी गलतियां भी हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इन गलतियों से घर की बरकत प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं धनतेरस पर किन पांच गलतियों से बचना चाहिए।
घर के मुख्य द्वार पर गंदगी रखना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता लक्ष्मी का आगमन साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर में होता है। इसलिए धनतेरस के दिन घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल की विशेष सफाई करनी चाहिए। मुख्य दरवाजे पर कूड़ा-कचरा या गंदगी रखना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित होता है।
किसी का अपमान या अपशब्द बोलना
धनतेरस के दिन परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। इस दिन किसी से झगड़ा करना, अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना धार्मिक दृष्टि से अनुचित माना जाता है। मान्यता है कि जहां प्रेम और शांति का वातावरण रहता है, वहां माता लक्ष्मी का वास होता है।
शाम के समय घर में अंधेरा रखना
धनतेरस की शाम दीप जलाने का विशेष महत्व है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर दीपक जलाए जाते हैं। इसलिए शाम के समय घर को पूरी तरह अंधेरे में नहीं रखना चाहिए। दीपक जलाकर घर में प्रकाश और सकारात्मकता का स्वागत करना शुभ माना जाता है।
उधार देने और लेने से बचें
मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन धन का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस दिन अनावश्यक रूप से किसी को धन उधार देने या कर्ज लेने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यह धार्मिक मान्यता है, कोई अनिवार्य नियम नहीं।
लोहे और नुकीली वस्तुओं की खरीदारी
धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ परंपराओं में इस दिन लोहे की वस्तुएं और नुकीले सामान खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।
