रायपुर 04 नवंबर 2026 : छत्तीसगढ़ में राज्य कर निरीक्षक की विभागीय भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2021 और 2022 की भर्ती प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं के मामले में अदालत ने राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया है। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने भर्ती प्रक्रिया और इसके तहत की गई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और उसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों और विभागीय कर्मचारियों के बीच एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
2021 और 2022 की भर्ती परीक्षा में मिली थीं अनियमितताएं
मामला राज्य कर निरीक्षक की विभागीय भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित की गई थी। भर्ती में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया की जांच और समीक्षा की। इसके बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ इसके आधार पर की गई नियुक्तियों को भी निरस्त करने का निर्णय लिया था।
सरकारी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे अभ्यर्थी
राज्य सरकार द्वारा भर्ती और नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं ने सरकारी आदेश पर सवाल उठाते हुए राहत देने की मांग की थी।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के निर्णय को उचित मानते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने नए सिरे से भर्ती कराने के दिए निर्देश
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य कर निरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए नई प्रक्रिया शुरू की जाए। अदालत ने यह भी कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लंबे समय से विवाद में फंसे इस मामले का समाधान हो सके।
इस आदेश के बाद अब संबंधित विभाग को नए सिरे से भर्ती की तैयारी करनी होगी। हालांकि, नई भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम और आवेदन से जुड़ी तारीखें सरकार तथा संबंधित विभाग की ओर से जारी की जानी बाकी हैं।
