पटना में गोलियों की गूंज! 24 राउंड फायरिंग के बाद पुलिस का जवाबी एक्शन, तीन अपराधी ढेर

पटना 06 नवंबर 2026 : बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया। दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। इस दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 राउंड फायरिंग की, जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में मनेर थाना के SHO रजनीश कुमार भी घायल हो गए। उनके हाथ में गोली लगी है।

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, यह मुठभेड़ शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे हुई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में राजा शर्मा, बबलू कुमार और जेपी यादव घायल हो गए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि तीनों पेशेवर शूटर थे और सुपारी लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस ने मौके से हथियार किए बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी पिस्टल और दो देसी कट्टे बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों की ओर से की गई फायरिंग के जवाब में कार्रवाई की गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।

अस्पताल में परिजनों का हंगामा, पुलिस से झड़प और पथराव

तीनों आरोपियों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन और समर्थक अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गलत तरीके से एनकाउंटर किया है।

इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच हाथापाई हुई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को अस्पताल परिसर से बाहर खदेड़ा। इसके बाद अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

मीसा भारती अस्पताल पहुंचीं, परिजनों ने उठाए एनकाउंटर पर सवाल

हंगामे के बीच राजद सांसद मीसा भारती भी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने परिजनों और वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान कुछ लोगों ने एनकाउंटर की कार्रवाई पर सवाल उठाए। भीड़ में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जाति देखकर कार्रवाई की है। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं, मारे गए जेपी यादव के बड़े भाई रामाशीष यादव ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिस हत्या के मामले में कार्रवाई की बात कही जा रही है, उसमें उनके भाई का नाम तक नहीं था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन करीब आधे घंटे बाद छोड़ दिया।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

अस्पताल में बढ़ते तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस और 100 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। परिजन शवों को एंबुलेंस से उतारने नहीं दे रहे हैं। अस्पताल परिसर में लगातार विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी हो रही है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।