19-10 से पिछड़ने के बाद तन्वी की तूफानी वापसी, 5 मैच पॉइंट बचाए, फिर भी गोल्ड से चूकीं!

नई दिल्ली 06 नवंबर 2026 : भारत की 15 वर्षीय युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गुरुवार को खेले गए महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में तन्वी ने हार नहीं मानी और आखिरी दम तक संघर्ष किया। एक समय चीन की खिलाड़ी झांग यी शिन के खिलाफ 10-19 से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और 5 मैच पॉइंट बचाए। हालांकि, वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं। झांग यी शिन ने 15-21, 21-13, 26-24 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

तन्वी पत्री ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया सिल्वर

ओडिशा की रहने वाली तन्वी पत्री ने भले ही फाइनल मुकाबला गंवा दिया, लेकिन अपने प्रदर्शन से करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला शटलर बनीं।

महज 15 साल की उम्र में मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ तन्वी का शानदार खेल, आत्मविश्वास और जुझारूपन उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाता है। सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।

पहले गेम में तन्वी ने दिखाई ताकत

फाइनल मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। तन्वी ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-15 से जीत लिया। हालांकि, दूसरे गेम में चीन की झांग यी शिन ने वापसी की और 21-13 से गेम अपने नाम कर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम में पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। एक समय झांग 19-10 से आगे चल रही थीं और उनका गोल्ड मेडल जीतना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन तन्वी ने हार मानने के बजाय लगातार अंक जुटाए और मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया।

उन्होंने इस दौरान पांच मैच पॉइंट बचाए और खुद तीन गोल्ड मेडल पॉइंट हासिल किए। हालांकि, वह इन मौकों को जीत में नहीं बदल सकीं और 26-24 से तीसरा गेम गंवा बैठीं।

फाइनल तक का सफर भी रहा शानदार

तन्वी पत्री ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में कई मजबूत खिलाड़ियों को हराया। ग्रुप स्टेज में उन्होंने मेक्सिको की सारा गोंजालेज और ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अडेपू को सीधे गेमों में मात दी। इसके बाद दक्षिण कोरिया की जिओंग यू चांग को हराकर नॉकआउट राउंड में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल में तन्वी ने थाईलैंड की कुंगकाउ काकानिक को 21-17, 21-13 से हराया। इस जीत के साथ वह यूथ ओलंपिक बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

सेमीफाइनल में उनका सामना जापान की युजुनो वातानाबे से हुआ। करीब 54 मिनट तक चले मुकाबले में तन्वी ने शानदार खेल दिखाते हुए 21-14, 21-11, 21-19 से जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश किया।

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि

तन्वी पत्री की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद खास है। भले ही गोल्ड मेडल हाथ से निकल गया, लेकिन फाइनल में पांच मैच पॉइंट बचाकर उन्होंने जिस तरह वापसी की, वह उनके मजबूत इरादों को दर्शाता है। उनका यह प्रदर्शन आने वाले समय में भारतीय बैडमिंटन के लिए एक नई उम्मीद बन सकता है।