राज्य सरकार ने कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन लिया है। सरकार के चार विभागों की संयुक्त टीम ने कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन और रॉयल्टी चोरी की शिकायतों के बाद बुधवार को राज्य के 19 कोयला वाशरियों में छापेमारी की।
एक अधिकारी ने कहा कि खनिज, राजस्व, पर्यावरण और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभागों के कुल 50 कर्मियों वाली दस टीमें देर शाम तक चल रहे अभियान में शामिल थीं। बयान के मुताबिक राज्य के कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में कम से कम 19 कोयला वाशरी में छापेमारी की गई। इनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई।
सरकारी विज्ञप्ति में छापे को कोयला माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से इन सुविधाओं के खिलाफ कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन, रॉयल्टी चोरी और कर चोरी की शिकायतें मिल रही थीं।
अधिकारी ने कहा कि जीएसटी विभाग ने इन परिसरों से दस्तावेज भी जब्त किए हैं, उन्होंने कहा कि कार्रवाई का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जिन वाशरीज पर छापा मारा गया उनमें इंडस उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सत्या पावर कोल वाशरी शामिल हैं, जो सूर्यकांत तिवारी, एसीबी प्राइवेट लिमिटेड और हिंद एनर्जी की हैं।
