रायपुर में फर्जी ई-चालान का जाल: साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों फर्जी ई-चालान मैसेज और नकली वेबसाइट/एप्लीकेशन के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को चालान के नाम पर डराकर उनसे ऑनलाइन पेमेंट करवाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करने की अपील की है।

पुलिस के अनुसार, ठग अनजान नंबरों से SMS या व्हाट्सएप के जरिए लिंक भेजते हैं। इन मैसेज में वाहन का लंबित चालान बताकर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है। कई बार ये लिंक असली वेबसाइट जैसे दिखते हैं, जिससे लोग आसानी से झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी या बैंक डिटेल साझा कर देते हैं।

🔗 केवल इन अधिकृत प्लेटफॉर्म का करें इस्तेमाल

अधिकारियों ने साफ किया है कि वाहन के पेंडिंग ई-चालान का भुगतान केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट

👉 https://echallan.parivahan.gov.in/⁠�

या NextGen mParivahan App के जरिए ही करें।

इन प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, जबकि थर्ड पार्टी ऐप या वेबसाइट पर पेमेंट करने से अतिरिक्त चार्ज भी देना पड़ सकता है।

⚠️ पुलिस की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित

अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें

केवल अधिकृत सेंडर आईडी (BV-VAAHAN-G, BT-VAAHAN-G, BH-VAAHAN-G, BM-VAAHAN-G, BZ-VAAHAN-G) पर ही भरोसा करें

वेबसाइट की स्पेलिंग और URL जरूर जांचें

किसी के साथ भी OTP साझा न करें

संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भुगतान करने से बचें

चालान को पहले अधिकृत प्लेटफॉर्म पर वेरिफाई करें

📞 ठगी होने पर तुरंत करें ये काम

अगर किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या

👉 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचित करें, ताकि ट्रांजैक्शन को रोका जा सके।

अंत में रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में NextGen mParivahan App इंस्टॉल करें और उसी के जरिए ई-चालान चेक व भुगतान करें। यह सुरक्षित प्लेटफॉर्म है और इसमें वाहन से जुड़े दस्तावेज भी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जा सकते हैं।