CG बड़ी खबर… बोतल पॉलिसी पर टकराव: छत्तीसगढ़ में सस्ती शराब की किल्लत, बाजार में बढ़ी परेशानी

छत्तीसगढ़ में शराब की पैकेजिंग को लेकर राज्य सरकार की नई प्लास्टिक (PET) बोतल पॉलिसी अब विवादों में घिर गई है। इस फैसले के खिलाफ डिस्टिलर्स और बोतल निर्माता एसोसिएशन ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है, जिसका असर अब सीधे उपभोक्ताओं पर देखने को मिल रहा है।
प्रदेश की कई सरकारी शराब दुकानों में सस्ती शराब की सप्लाई अचानक कम हो गई है, जबकि कुछ जगहों पर यह पूरी तरह गायब हो चुकी है। इससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है सरकार की योजना?
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक (PET) बोतलों में शराब बिक्री की व्यवस्था लागू करना चाहती है। सरकार का तर्क है कि इससे पैकेजिंग लागत कम होगी और सप्लाई सिस्टम अधिक आसान व तेज बनेगा।
व्यापारियों का विरोध क्यों?
डिस्टिलर्स और बोतल निर्माता कंपनियों का कहना है कि यह फैसला बिना पर्याप्त तैयारी और चर्चा के लिया गया है। उनका आरोप है कि PET बोतल पॉलिसी से कांच उद्योग और उससे जुड़े हजारों लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा। साथ ही उत्पादन और सप्लाई चेन में भी असंतुलन पैदा हो रहा है।
उपभोक्ताओं पर असर
विवाद के बीच सप्लाई बाधित होने से सबसे ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। खासकर कम कीमत वाली शराब की कमी के कारण लोगों को या तो महंगी शराब खरीदनी पड़ रही है या खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
आगे क्या?
मामले में सरकार और उद्योग के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में शराब की उपलब्धता और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।