दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक: राहुल, ममता और अखिलेश समेत शीर्ष नेता पहुंचे

नई दिल्ली 08 जून 2026 : नई दिल्ली में स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक हो रही है. कांग्रेस नेताओं ने इसमें 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने की पुष्टि की है. कांग्रेस का कहना है कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद विपक्षी गठबंधन एकजुट है. ‘I.N.D.I.A. जनबंधन’ नाम से हो रही इस बैठक में गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है. इसमें 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी और अहम राजनीतिक मुद्दों पर तालमेल शामिल है. यह बैठक विपक्ष की एकजुटता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि गठबंधन में शामिल पार्टियां मौजूदा सरकार के खिलाफ आपसी सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी इंडिया ब्लॉक की बैठक में भाग लेने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे.

आप (AAP) नेता संजय सिंह ने I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक पर कहा, ‘जहां तक ​​आम आदमी पार्टी की बात है, हमने पहले ही साफ कर दिया है कि आम आदमी पार्टी I.N.D.I.A. गठबंधन का हिस्सा नहीं है. इसलिए, आज की बैठक में इसके शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता.’

आरजेडी नेता मनोज झा ने I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक पर कहा, ‘कांग्रेस और डीएमके के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते टूट गए हैं. इसलिए उन्हें ठीक होने में काफी समय लगेगा. हालांकि, दूसरी पार्टियां इसमें शामिल हो रही हैं. यह देखना जरूरी है कि आज हमारा देश किस स्थिति में है, चाहे वह छात्रों का मुद्दा हो, महंगाई हो या कोई और बात. भारत जिन समस्याओं का सामना कर रहा है, उन्हें देखते हुए इस बैठक का महत्व और बढ़ जाता है.कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचीं.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे. I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (R) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, ‘हम INDI गठबंधन में दरारें देख सकते हैं. सत्ता के लिए कांग्रेस द्वारा अपने सहयोगी को धोखा देने के बाद डीएमके का नाराज होना स्वाभाविक है. मुझे ममता जी पर हैरानी है, जो बैठक में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही आ गई हैं, जबकि राहुल गांधी ने बंगाल चुनावों के दौरान उनके और उनकी पार्टी के बारे में अपमानजनक बातें कही थी. इससे पता चलता है कि यह गठबंधन एक समझौता है, एक-दूसरे की कमियों को छिपाने का तरीका है. इसी वजह से यह गठबंधन अब तक सफल नहीं हो पाया है. इतिहास गवाह है कि जब भी गठबंधन को एकजुट रहने की जरूरत थी, उन्होंने अपने फायदे के लिए एक-दूसरे को धोखा दिया. ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं है.’