21 जून को छत्तीसगढ़ आएंगे राहुल गांधी, रायपुर में प्रशिक्षण शिविर में होंगे शामिल

रायपुर 18 जून 2026 : लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 जून को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी राज्य स्तर पर नेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. हालांकि इसके पीछे की कई सकारात्मक चीजें भी जुड़ी हुई हैं. जिसमें छत्तीसगढ़ के भाजपा नेतृत्व को लेकर यह बातें कही जा रही हैं कि यहां पर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. कांग्रेस के भाजपा पर हमलावर होने की एक नहीं कई कारण है.

भारतीय जनता पार्टी के अंदरखाने में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि सरकार के कई मंत्री ऐसे हैं, जिनके कामकाज से केंद्रीय नेतृत्व खुश नहीं है. मतलब साफ है की काम नहीं होने की बात कांग्रेस बार-बार कहती रही है और इस पर भारतीय जनता पार्टी ने मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा ही सही, लेकिन चर्चा शुरू हुई है. इससे कांग्रेस को नए राजनीतिक तैयारी का एक नया आधार मिल गया है.

छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिस तरीके का परिणाम कांग्रेस के खाते में आया, वह भी कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए पंचायत चुनाव में कांग्रेस जिस तरीके से राजनीतिक हासिए पर गई थी, उसमें एक बड़ी उपलब्धि कांग्रेस की अपनी रणनीति से वापस हासिल हुई है. छत्तीसगढ़ नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा था. नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी बाजी मार गई थी. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिस तरीके से कांग्रेस ने अपनी वापसी की है, कांग्रेस के लिए वह बहुत उम्मीद वाली बात है और इससे कांग्रेस का उत्साहित होना भी लाजमी है.

छत्तीसगढ़ से नक्सली समाप्ति की बड़ी उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सरकार के खाते में बताने के लिए तो जरूर है, लेकिन कांग्रेस के लिए यह केंद्र सरकार का किया गया काम है. कांग्रेस इस बात पर छत्तीसगढ़ सरकार पर हमला करती भी है. अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, लगातार गलत तरीके से खरीदी गई दवाएं, स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति, कानून व्यवस्था, रोजगार के मुद्दे पर सरकार का बैकफुट पर जाना और युवाओं में नाराजगी, इसके साथ ही किसानों को समय पर खाद न मिलना और खेती के समय पर यूरिया और दूसरी चीजों का इंतजाम न हो पाना कांग्रेस के लिए सियासी मुद्दे और हथियार बन चुके हैं. अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जो मुद्दे अपने लिए राज्य स्तर पर खड़े कर रखे हैं, उसमें केंद्रीय नेतृत्व का कौन सा मुद्दा राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में छत्तीसगढ़ से टक्कर देने के लिए खड़ा होता है, देखने वाली बात होगी.

छत्तीसगढ़ में चुनाव चाहे जितना दूर हो लेकिन जिस तरह के मुद्दे तैयार हो रहे हैं, उसपर एक दल दूसरे दल पर भारी पड़ने की तैयारी मैं है. भाजपा के लिए राहुल गांधी छत्तीसगढ़ से कितना मजबूत आधार खड़ा करते हैं, यह चर्चा का विषय जरुर बन गया है. भाजपा के नेता इस बात को कहीं कोई जगह देने को तैयार ही नहीं हैं कि राहुल गांधी पार्टी को कोई दिशा दे पाएंगे.

राहुल गांधी को दौरे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, ”उनके आने का पत्र आया है, हम लोग प्रदेश स्तार पर पार्टी को मजबूत करने का काम कर रहे हैं.” भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ की कमान को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संभाल रखी है, संभव है कि छत्तीसगढ़ में उस राजनीति को टक्कर देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के ही किसी कद्दावर नेता की जरूरत थी. कांग्रेस के लिए खुद और राहुल गांधी ने अपने हाथों में लिया है. अब देखने वाली बात होगी कि संगठन पार्टी जमीन जनाधार और भीतर की गुटबाजी में जिस तरीके से कांग्रेस उलझी हुई है उसे बाहर निकालने के लिए कौन कौन सा काम होता है.