परभणी 20 जून 2026 : महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मानवत तहसील के यशवाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में निर्माणाधीन सभा मंडप का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे 30-40 श्रद्धालुओं के मलबे में दबने की आशंका है। मौके पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
चूंकि आज शनिवार का दिन था, इसलिए मंदिर में हनुमान जी के दर्शन के लिए आस-पास के इलाकों और पूरे राज्य से भारी संख्या में श्रद्धालु आए हुए थे। मंडप के गिरते ही पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुए हादसे में करीब 30 से 40 श्रद्धालु मलबे के नीचे पूरी तरह फंस गए हैं।
यशवाड़ी के इस मारुति मंदिर को पूरे इलाके में एक बेहद जागृत और प्रसिद्ध देवस्थान माना जाता है, जहां शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना के कारण पैर रखने तक की जगह नहीं होती। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर के इस बड़े सभा मंडप के निर्माण का काम पिछले कुछ समय से चल रहा था। दोपहर करीब 3 बजे के आस-पास जब लोग मंडप के नीचे और आस-पास मौजूद थे, तभी यह पूरा ढांचा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा।
मंडप ढहने की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के गांवों के लोग भी तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासनिक टीमों के पहुंचने से पहले ही अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे को हाथों से हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया।
हादसे की डरावनी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अमला तुरंत हरकत में आ गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। मौके पर दर्जनों एंबुलेंस और डॉक्टरों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि मलबे से निकाले जा रहे घायल श्रद्धालुओं को तुरंत प्राथमिक इलाज देकर नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया जा सके।
इस हादसे में कई श्रद्धालुओं के गंभीर रूप से जख्मी होने की खबर है, जबकि मलबे के भारी वजन को देखते हुए कुछ लोगों की मौत होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक प्रशासन या पुलिस की तरफ से मृतकों की सटीक संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
परभणी में हुए इस भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। परभणी की पालकमंत्री मेघना बोर्डीकर ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और वे लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने तुरंत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात करके घटनास्थल पर बड़े क्रेन और अतिरिक्त बचाव दलों को भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक राजेश विटेकर सहित जिले के तमाम बड़े नेताओं ने भी अधिकारियों से संपर्क कर राहत कार्य में तेजी लाने को कहा है। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे आखिरी व्यक्ति को भी सुरक्षित बाहर निकालने की है।
