ढाका 20 जून 2026 : रंगपुर में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाई जानीं थी. इस पर कुछ कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया. इसे लेकर बांग्लादेश के ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं. मूर्ति का निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है. शुक्रवार को ढाका में हजारों हिंदुओं ने मशाल जुलूस निकाला और जय श्री राम के नारे लगाए.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार की शाम आसमान जय श्री राम के जयकरों से गूंज उठा. इसकी वजह थी भगवान राम की मूर्ति को लेकर खड़ा हुआ विवाद है. इस्लामिक कट्टरपंथियों इस रंगपुर में लगने वाली भगवान राम की मूर्ति का विरोध कर रहे हैं. इस दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया जिसके बाद बांग्लादेश के ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं. लोगों ने भगवान राम के जयकारे आल इंडिया की रिपोर्ट में बताया है कि प्रदर्शनकारियों ने नेशनल म्यूजियम एरिया से नेशनल प्रेस क्लब तक हाथों में मशालें लेकर मार्च किया. उन्होंने न्याय और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए हैं.
रिपोर्ट में दावा है कि सभा को संबोधित करते हुए संगठन के नेताओं ने अपमान की घटना की जांच की मांग की है. प्रदर्शनकारी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं पर हमलों से सांप्रदायिक सद्भाव कमजोर हो सकता है. उन्होंने सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.रंगपुर के उत्तरी गायबांधा जिले के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति लगने जा रही थी. इसी दौरान उस निर्माण को रोक दिया गया. इसे रोकने का आरोप इस्लामिक कट्टरपंथियों पर लगा. रिपोर्ट में श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति ने दावा किया कि अधिकारियों को इस्लामी समूहों से धमकियां मिली थीं. इस घटना ने मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक आबादी के अधिकारों को लेकर चिंता पैदा हो गई है.
धमकियों के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया गया था, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसी के विरोध में शुक्रवार को कई हिंदू संगठन और छात्र नेता शाहबाग चौराहे पर इकठ्ठे हुए. यह विरोध प्रदर्शन में इकठ्ठे होने के लिए हिंदू महाजोत ने अपील की थी. इस संगठन ने राष्ट्रीय प्रेस क्लब के सामने एक ह्यूमन चेन भी बनाई गई. एक अन्य गुट ने ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी इमारत के पास विरोध प्रदर्शन किया.
