रायपुर 30 जून 2026 : नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विस्थापित परिवारों ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई। प्रभावित लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने सुबह करीब 4 बजे पहले गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और इसके बाद बुलडोजर चलाकर मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए और उन्हें सड़क किनारे या खुले मैदान में रात गुजारनी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और अचानक शुरू हुई कार्रवाई से वे अपना सामान भी पूरी तरह नहीं निकाल सके। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
विस्थापितों ने स्थानीय सांसद पर भी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मामले में गलत जानकारी दी और ग्रामीणों की समस्याओं को सही तरीके से नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने उनकी उम्मीदों के अनुरूप साथ नहीं दिया।
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से वैकल्पिक आवास, उचित पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का गंभीर संकट बना रहेगा।
वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना और नियमानुसार की गई है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत यह अभियान चलाया गया।
फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, जबकि प्रभावित परिवार अपने पुनर्वास और राहत की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
