कैंसस 12 जुलाई 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को एक्स्ट्रा टाइम में 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में सेमीफाइनल में प्रवेश किया। लेकिन इस बार मेस नहीं बल्कि अर्जेंटीना के लिए अहम समय पर अल्वारेज़ ने जादुई गोल से टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया.
वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना को 72 साल बाद क्वार्टर फाइनल खेलने वाली स्विट्जरलैंड ने जमकर छकाया. एक समय तो उलटफेर तक होता नजर आ रहा था. लेकिन इस बार अर्जेंटीना को मेसी नहीं, बल्कि जूलियन अल्वारेज़ ने बचाया. 1-1 की बराबरी के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने वाली स्विट्जरलैंड ने गोल पोस्ट के सामने डिफेंसिव बस खड़ी कर दी थी. अल्वारेज़ फिर भी नहीं हारे और उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम यानी 112वें मिनट में स्विट्जरलैंड की डिफेंसिव बस के ऊपर से गोल करके अर्जेंटीना को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया. इसके बाद स्विट्जरलैंड की टीम वापसी नहीं कर सकी और 3-1 से उनका वर्ल्ड कप में सफर समाप्त हो गया. वहीं अर्जेंटीना ने छठी बार सेमीफाइनल में कदम रखा.
अर्जेंटीना की टीम जैसे ही स्विट्जरलैंड के सामने उतरी तो उसे गोल करने का रास्ता खुला हुआ मिल गया. मैच के दसवें मिनट में ही अर्जेंटीना के लिए एलेक्स मैकएलिस्टर ने शानदार हेडर के जरिए क्वार्टर फाइनल का पहला गोल दाग दिया. इस तरह उन्होंने साल 2022 के बाद अर्जेंटीना के लिए कोई गोल किया और फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का यह उनका पहला गोल था. अर्जेंटीना ने जब मैच के दस मिनट में ही एक गोल से बढ़त ली तो उसके बाद फैंस को लगा कि उनकी टीम आसानी से तीन से चार गोल दागने वाली है. लेकिन स्विट्जरलैंड ने बाद में दिखाया कि वह शानदार खेल के बूते क्वार्टर फाइनल तक आए हैं. पहले हाफ में अर्जेंटीना ने कुल 14 शॉट्स लगाए तो उसे एक में ही सफलता मिली, जबकि स्विट्जरलैंड ने नौ शॉट्स दागे. मगर वह गोल भले ही नहीं कर सके, लेकिन उनके डिफेंस ने मजबूती पेश करते हुए 10 बार गेंद को क्लियर किया.
अब दूसरे हाफ में मैदान पर उतरी अर्जेंटीना के सामने स्विट्जरलैंड ने अपनी अटैक लाइन को और आगे बढ़ाया. इसका नतीजा यह रहा कि मैच के 67वें मिनट में रिकार्डो रोड्रिगेज के बेहतरीन असिस्ट पर डैन नदोये ने इस वर्ल्ड कप का अपना दूसरा गोल दाग दिया. जिसके साथ ही स्विस फैंस की खुशी मैदान में देखने लायक थी और दुनिया भर में मेसी के चाहने वालों की आंखों में आंसू आ गए थे.
1-1 की बराबरी के बाद स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी ऐम्बोलो 72वें मिनट में अपने आप मैदान पर गिर गए तो रेफरी ने उनको येलो कार्ड दिया. मगर ऐम्बोलो का यह दूसरा येलो कार्ड था, जो रेड में तब्दील हो गया. इसके चलते ऐम्बोलो रोते हुए मैदान से बाहर गए, लेकिन बाद में स्विट्जरलैंड के 10 खिलाड़ी भी मेसी और उनकी टीम पर भारी नजर आए. जिससे फुल टाइम तक कोई गोल नहीं हुआ. दूसरे हाफ में अर्जेंटीना का सिर्फ एक शॉट गोल पोस्ट की तरफ रहा, जबकि स्विट्जरलैंड ने छह शॉट ऑन टारगेट मारे. शुक्र है कि गोल नहीं हुआ, वरना मैच एक्स्ट्रा टाइम से पहले समाप्त हो सकता था.
मैच में एक खिलाड़ी कम होने के बाद स्विट्जरलैंड ने अर्जेंटीना के सामने ‘डिफेंसिव बस’ खड़ी कर दी और अटैक करना कम कर दिया. जिससे अर्जेंटीना ने एक्स्ट्रा टाइम के पहले हाफ यानी 15 मिनट में आठ शॉट्स लिए, लेकिन एक बार भी गोल पोस्ट तक गेंद गई तो स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने उसे भी रोक दिया. अब एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में उतरी अर्जेंटीना के लिए 112वें मिनट में तमाम डिफेंडर्स से घिरे मेसी को गेंद देने के बजाय जूलियन अल्वारेज़ ने बॉक्स के बाहर से बेहतरीन शॉट लगाया, जिससे गेंद गोल पोस्ट के कॉर्नर से होते हुए उसके अंदर गई और गोलकीपर का पूरा प्रयास भी उनके शॉट को रोक नहीं सका. इस गोल के साथ अर्जेंटीना 2-1 से आगे हो गई और अल्वारेज़ ने इस वर्ल्ड कप का पहला व सबसे राहत भरा गोल दागा. इसके बाद मैच के अंत के करीब लुटारो मार्टिनेज ने भी गोल कर दिया. जिससे अर्जेंटीना ने 3-1 की जीत के साथ स्विट्जरलैंड का सफर समाप्त किया.
