सरकार को घेरने की तैयारी, 14 जुलाई को कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

रायपुर 13 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा. 14 जुलाई को विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनता से किए गए वादे निभाने में नाकाम रही है. प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है, किसान परेशान हैं, बिजली संकट गहराया हुआ है और कानून-व्यवस्था सवालों के घेरे में है. इतना ही नहीं, नकटी गांव के मुद्दे पर भी कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी कर चुकी है.

मानसून सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी आवास पर कांग्रेस विधायक दल की करीब दो घंटे तक मैराथन बैठक हुई. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेताओं ने अलग से लंबी रणनीतिक बैठक की. दोनों बैठकों में विधानसभा सत्र की पूरी रूपरेखा तैयार की गई और अंततः सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सर्वसम्मति बनी.

बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वर्तमान सरकार पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. उनके मुताबिक सरकार ने जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया, बल्कि हर मोर्चे पर विफल रही है. इसी वजह से 14 जुलाई को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. महंत ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के टूटे विश्वास और बढ़ते जनाक्रोश की आवाज है.

सरकार पर कांग्रेस का बड़ा आरोप डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सरकार के बड़े-बड़े वादे अब पूरी तरह झूठे साबित हो चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और यही कारण है कि अब विपक्ष विधानसभा में सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा.

हर मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी कांग्रेस ने मानसून सत्र के लिए अपने मुद्दे भी तय कर दिए हैं. बिजली संकट, कांग्रेस लगातार बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था, युवाओं से जुड़े मुद्दे और जनहित के अन्य मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी. विपक्ष का कहना है कि जिन मुद्दों से आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित है, उन्हीं सवालों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा.

नकटी गांव पर विपक्ष लाएगा स्थगन प्रस्ताव कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नकटी गांव का मामला भी प्रमुखता से उठा. पार्टी ने फैसला किया है कि इस मुद्दे पर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा ताकि सदन की कार्यवाही रोककर इस विषय पर तत्काल चर्चा कराई जा सके. डॉ. चरणदास महंत ने साफ कहा कि नकटी मामले को कांग्रेस किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगी. इस मुद्दे को पूरी ताकत के साथ सदन में उठाया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो सदन के भीतर भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

पांच दिन का सत्र, लेकिन विपक्ष के तेवर बेहद आक्रामक कांग्रेस का कहना है कि भले ही विधानसभा का मानसून सत्र केवल पांच दिनों का हो, लेकिन विपक्ष सरकार को एक भी दिन राहत नहीं देगा. हर दिन नए मुद्दों के साथ सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया जाएगा. पार्टी का दावा है कि जनता के हितों से जुड़े हर सवाल को सदन में पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा.

कांग्रेस की लड़ाई केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगी. यदि सरकार जनता की आवाज नहीं सुनेगी, तो पार्टी सड़क पर भी आंदोलन तेज करेगी. कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर सदन के भीतर भी संघर्ष करेगी. जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर भी सरकार के खिलाफ अभियान जारी रखेगी- डॉ चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चरम पर पहुंच चुका है. कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव, स्थगन प्रस्ताव और जनहित के कई मुद्दों के सहारे सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. अब 13 जुलाई से शुरू होने वाला सत्र केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टक्कर का गवाह भी बनेगा. यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष के आरोपों का किस तरह जवाब देती है और सदन में यह सियासी मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ता है.