अब नए अंदाज़ में होगा वर्ल्ड कप, ICC ने बदला ODI और T20 का फॉर्मेट

स्पोर्ट्स 15 जुलाई 2026 : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी (ICC) क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने वैश्विक कैलेंडर में बदलाव की प्लानिंग कर रही है. इसके पीछे की बड़ी वजह दुनिया भर में तेजी से बढ़ती T20 फ्रेंचाइजी लीग्स हैं, जिनकी वजह से कई बार इंटरनेशनल सीरीज और घरेलू लीग्स की तारीखें टकरा जाती हैं. इससे खिलाड़ियों पर लगातार क्रिकेट खेलने का दबाव बढ़ता है और कई स्टार खिलाड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट को ज्यादा प्राथमिकता देने लगे हैं. ऐसे में ICC एक ऐसा फिक्स्ड कैलेंडर बनाना चाहती है, जिसमें टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल के लिए अलग-अलग विंडो तय हों. इसके अलावा, ICC उन बोर्डों की कमाई बढ़ाने की भी कोशिश कर रही है, जिन्हें बड़ी टीमों के अलावा बाकी देशों के खिलाफ सीरीज से ज्यादा आमदनी नहीं हो पाती.

ICC के प्लान के मुताबिक, वह एक नए वर्ल्ड क्लब T20 टूर्नामेंट पर विचार कर रही है. जिसमें दुनिया की अलग-अलग टी20 लीग्स की चैंपियन टीमें आमने-सामने खेल सकती हैं. अगर यह टूर्नामेंट शुरू होता है तो IPL, SA20, ILT20, The Hundred और Big Bash जैसी लीग्स की विजेता टीमें इसमें हिस्सा ले सकती हैं. इससे फ्रेंचाइजी क्रिकेट का आकर्षण और कमाई दोनों बढ़ सकते हैं.

हालांकि, ICC का कहना है कि इसका उद्देश्य संतुलन को बेहतर करना है. इसलिए साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए अलग विंडो तय करने और फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) को मजबूत बनाए रखने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि खिलाड़ी बिना टकराव के दोनों स्तरों पर खेल सकें.

ICC के सामने सबसे बड़ी चुनौती वनडे क्रिकेट को फिर से मशहूर बनाना है. पिछले कुछ सालों में द्विपक्षीय 50 ओवर की सीरीज की लोकप्रियता कम हुई है, जबकि टी20 क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ा है. इसी वजह से 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट को छोटा करने या सिर्फ विश्व कप से पहले सीमित अवधि में खेलने का प्रस्ताव चर्चा में है.

ESPN Cricinfo बताता है कि कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि 40 ओवर का वनडे मैच ज्यादा रोमांचक होगा और आधुनिक दर्शकों की पसंद के अनुरूप रहेगा. वहीं कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि 50 ओवर का फॉर्मेट अपनी अलग पहचान रखता है और इसे पूरी तरह बदलना सही नहीं होगा. फिलहाल ICC सभी ऑप्शन पर विचार कर रही है और अंतिम फैसला चर्चा के बाद ही लिया जाएगा.

अगर ICC का ये प्रस्ताव लागू होता है, तो सबसे बड़ा फायदा भारतीय क्रिकेट को मिलेगा. World Club T20 शुरू होने पर IPL चैंपियन को वैश्विक स्तर पर अपनी ताकत दिखाने का मौका मिलेगा. जिससे लीग की ब्रांड वैल्यू और अंतरराष्ट्रीय पहचान और बढ़ेगी. वहीं अलग-अलग फॉर्मेट के लिए तय विंडो बनने से IPL का शेड्यूल भी ज्यादा सुरक्षित होगा और खिलाड़ियों की उपलब्धता बेहतर रहेगी. हालांकि, इसके साथ BCCI पर यह जिम्मेदारी भी बढ़ेगी कि वह फ्रेंचाइजी और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच सही संतुलन बनाए रखे.

ICC टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिए World Test Championship (WTC) का दायरा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है. प्रस्ताव है कि 2027-29 चक्र से इसमें 9 की जगह 12 टीमें शामिल हों. जिससे आयरलैंड, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसे देशों को नियमित टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिल सके. इससे इन देशों के खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा, घरेलू क्रिकेट मजबूत होगी और स्पॉन्सरशिप के अवसर भी बढ़ेंगे. हालांकि इसके लिए संतुलित शेड्यूल, आर्थिक सहायता और निष्पक्ष अंक प्रणाली की जरूरत होगी.