नई दिल्ली 24 जुलाई 2026 : वीडियो पर जारी कर प्रधानमंत्री ने पेपर लीक पर कठोर बिल लाने की बात कही है। लेकिन अपने संदेश में न तो छात्रों के आंदोलन पर और न ही धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई बात कही है। राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए प्रधान इस्तीफे की बात दोहराई है।
बीते कई सप्ताह से देश भर में चल रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन और विपक्ष के आक्रोश और संसद से सड़क तर छात्रों की आवाज उठाए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही दिन में दो बार संदेश जारी किए। गुरुवार सुबह एक्स पर एक टेक्स्ट मैसेज में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान तो देर रात वीडियो संदेश में पेपर लीक पर बिल लाने की घोषणा की है। लेकिन महीनों से चल रहे छात्रों के आंदोलन, संसद से चंद कदम दूर छात्रों पर की गई बर्बरता, विपक्षी नेताओं के साथ बदसुलूकी और सबसे बड़ी बात शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला।
देर रात जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के ख़िलाफ़ और भी सख़्त कदमों का फैसला लिया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और यह छात्र और अभिभावकों के लिए काफी पीड़ादायक है।” उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसलिए कम से कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराने की व्यवस्था की गई। 19 तारीख को परीक्षा के नतीजे भी जारी कर दिए गए हैं और देशभर से सफल विद्यार्थियों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि ‘सरकार केवल इतनी कार्रवाई से संतुष्ट होने वाली नहीं है। उन्होंने बताया कि आज उन्होंने संबंधित विभागों को पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे। विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात इसका मसौदा तैयार कर उन्हें सौंप दिया है।
मोदी के इस संदेश पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया है। उन्होंने मोदी को जवाब देते हुए लिखा है कि, “मोदी जी, हमारे छात्र तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं।” उन्होंने आगे लिखा कि “आधी रात को जारी अपने इस वीडियो से छात्रों की समझदारी का अपमान मत कीजिए।” राहुल गांधी ने छात्रों की तीनों मांगे दोहराते हुए लिखा है, “प्रधान को बर्खास्त करो, जिन्होंने छात्रों को पीटा उन्हें सजा दो और छात्रों से माफी मांगो।”
