बस्तर में आई फ्लू का प्रकोप, एक महीने में 600+ संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जगदलपुर 05 अगस्त 2026 :  बस्तर जिले में मानसून के दौरान आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले एक महीने में जिले में 600 से अधिक लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जिला अस्पताल महारानी और मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आंखों में लालपन, जलन, दर्द और पानी आने जैसी शिकायतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आई फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, संक्रमित वस्तुओं के उपयोग या दूषित हाथों से आंख छूने पर तेजी से फैलती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जा रहा है। बारिश और नमी वाला मौसम संक्रमण के प्रसार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

ये हैं प्रमुख लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक आई फ्लू होने पर आंखों का लाल होना, लगातार पानी आना, जलन, खुजली, सूजन, चुभन, आंखों से चिपचिपा स्राव निकलना और तेज रोशनी में असहज महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ मरीजों में हल्का बुखार और गले में खराश जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं, तौलिया, रुमाल, तकिया और आई मेकअप जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें। संक्रमित व्यक्ति से अनावश्यक संपर्क से बचें और आंखों में समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की आई ड्रॉप या दवा का उपयोग नहीं करने की सलाह भी दी गई है।