UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट: शॉपिंग पर बड़े भुगतान में लग सकती है 0.25%–0.40% फीस

नईदिल्ली 05 अगस्त 2026 : देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। सरकार UPI Transaction Fee को लेकर नए नियमों पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, सामान्य व्यक्ति से सामान्य व्यक्ति (P2P) के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

संसद में पेश हुआ संशोधन विधेयक

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ पेश किया। इस बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR लगाने की रोक हटाने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

किन ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के केवल मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR लागू हो सकता है। यानी यदि ग्राहक किसी दुकान, शोरूम या व्यापारी को UPI से भुगतान करता है और राशि ₹2,000 से अधिक है, तभी यह शुल्क लागू होने की संभावना है।

वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांसफर पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लगेगा।

रोजमर्रा की खरीदारी पर नहीं पड़ेगा असर

सरकारी अनुमान के अनुसार, ₹2,000 तक के लगभग 95% UPI ट्रांजैक्शन किसी भी MDR के दायरे में नहीं आएंगे। इसलिए दूध, सब्जी, किराना, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी जैसी रोजमर्रा की छोटी पेमेंट पर इसका असर नहीं पड़ने की संभावना है।

ग्राहकों को हर बार फीस नहीं देनी होगी

विशेषज्ञों का कहना है कि MDR व्यापारी पर लगाया जाने वाला शुल्क होता है। ऐसे में सभी व्यापारी इसे ग्राहकों से वसूलेंगे, यह जरूरी नहीं है। कई व्यापारी पहले की तरह इस लागत को स्वयं वहन भी कर सकते हैं।

सरकार तय कर सकती है अधिकतम सीमा

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार MDR की राशि पर अधिकतम सीमा (कैप) भी तय कर सकती है ताकि व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। चूंकि UPI भुगतान में क्रेडिट कार्ड की तरह फंडिंग कॉस्ट नहीं होती, इसलिए सीमित शुल्क लागू करने का विकल्प बेहतर माना जा रहा है।

अभी क्या है व्यवस्था?

फिलहाल क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, जबकि UPI मर्चेंट भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं है। यदि नया प्रस्ताव लागू होता है तो यह बड़े मूल्य के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन तक सीमित रह सकता है।

जुलाई में रिकॉर्ड UPI लेनदेन

जुलाई 2026 में देशभर में करीब 23.7 अरब UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनका कुल मूल्य लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये रहा। ऐसे में सरकार और उद्योग जगत के बीच डिजिटल भुगतान व्यवस्था को टिकाऊ बनाने के लिए MDR पर चर्चा तेज हो गई है।