रायपुर 07 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया पर काम जारी है, लेकिन अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर सभी वर्गों से व्यापक चर्चा और सुझाव लेने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ST समुदाय को UCC से रखा जाएगा बाहर
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस विषय पर सरकार का रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के दायरे में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय शामिल नहीं होगा। सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ रही है।
UCC के मसौदे पर तेजी से चल रहा काम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए गठित समिति विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और अन्य वर्गों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त कर रही है। सरकार सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए संतुलित और व्यवहारिक मसौदा तैयार करना चाहती है।
सभी वर्गों की राय के बाद होगा अंतिम फैसला
विजय शर्मा ने कहा कि UCC जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी। समिति की रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय और समाज के विभिन्न वर्गों से मिले सुझावों का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित UCC का उद्देश्य अन्य समुदायों के लिए एक समान नागरिक कानून की व्यवस्था करना है, जबकि ST समुदाय को इससे अलग रखने का प्रावधान किया जा रहा है।
सरकार का फोकस संवाद और सहमति पर
राज्य सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक संवाद और सहमति बनाना आवश्यक है। इसलिए समिति लगातार लोगों से सुझाव ले रही है, ताकि ऐसा निर्णय लिया जा सके जो संविधान की भावना और सभी समुदायों की अपेक्षाओं के अनुरूप हो।
