बिलासपुर 13 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस हिरासत में हुई श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सर्वन तामरे की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार को मृतक की पत्नी और दो नाबालिग बेटियों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी के हाथों में होगी।
पुलिस हिरासत में हुई थी मौत
मामला बिलासपुर जिले में श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सर्वन तामरे की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों की ओर से पुलिस कार्रवाई और हिरासत के दौरान हुई परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। मामले को लेकर न्यायिक स्तर पर भी कार्रवाई की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपने का आदेश दिया है। केंद्रीय एजेंसी अब मामले से जुड़े तथ्यों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। हिरासत में मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, जांच में इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
CBI जांच शुरू होने के बाद पुलिस रिकॉर्ड, हिरासत से संबंधित दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
परिवार को मिलेगा 25 लाख का मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने मृतक के परिवार को आर्थिक राहत भी दी है। अदालत ने राज्य सरकार को श्रवण सूर्यवंशी की पत्नी और उनकी दो नाबालिग बेटियों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह राशि तत्काल राहत के तौर पर दी जाएगी।
मृतक के परिवार के लिए यह आदेश आर्थिक सहायता के साथ न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
