जनगणना 2027 में होंगे 40 सवाल! धर्म, जाति से लेकर बैंक खाते और कोविड वैक्सीन तक की मांगी जाएगी जानकारी,तारीख नोट कर लें

नई दिल्ली 14 अगस्त 2026 : केंद्र की मोदी सरकार ने आज शुक्रवार को जनगणना 2027 के दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में पूछे जाने वाले करीब 40 सवालों को अधिसूचित करने का नोटिफिकेशन जारी किया है. बता दें, स्वतंत्र भारत में पहली बार इन सवालों में जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से जुड़ी हुई जानकारियां भी शामिल की गई हैं. इसके साथ-साथ लोगों से कोविड-19 का टीका कहां से लगवाया था, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी. यह जनगणना स्वतंत्र भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी.

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृतंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दसवें प्रश्न में ‘अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी)/जाति’ पूछा जाएगा. गणनाकर्ता उत्तरदाता द्वारा बताई गई जाति को खुले कॉलम में हूबहू दर्ज करेंगे. यह तरीका जुलाई 2026 में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुए प्री-टेस्ट के आधार पर अपनाया गया है.

 

इन बातों के अलावा सरकार ने इस नए फॉर्म में धर्म, मातृभाषा (और अन्य भाषाएं), साक्षरता तथा डिजिटल साक्षरता की स्थिति, व्यवसाय (आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, उद्योग/व्यापार/सेवा की प्रकृति, कार्यकर्ता का वर्ग), बच्चों की संख्या (विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग हुई महिलाओं से संबंधित जीवित बच्चों, कभी जन्म लिए बच्चों और पिछले एक साल में जन्म लिए बच्चों की संख्या) तथा कोविड-19 टीकाकरण का स्थान भी पूछा जाना सम्मिलित किया है.

इस नए फॉर्म में पहचान संबंधी जानकारी में कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो), आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो), वोटर आईडी नंबर (यदि उपलब्ध हो), पासपोर्ट नंबर (यदि भारतीय पासपोर्ट धारक हों) और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता भी शामिल है.

बर्फीले स्थानों में 1 सितंबर से शुरू होगी जनगणना
जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के बर्फीले और असामान्य क्षेत्रों में जनगणना 2027 का काम 1 सितंबर से शुरू होगा, जो 30 सितंबर तक चलेगा. इससे पहले 17 से 31 अगस्त तक लोगों को खुद ऑनलाइन अपनी सारी जानकारियां रजिस्टर करनी की सुविधा प्रदान की जाएगी.

वहीं, सरकार का कहना है कि इन आंकड़ों से नीति निर्माण, सार्वजनिक सेवाओं के बेहतर लक्ष्यीकरण और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की व्यापक तस्वीर उपलब्ध होगी. देश के बाकी इलाकों में जनगणना का काम फरवरी 2027 में शुरू होगा. यह कार्य दो चरणों में पूरा कराया जाएगा. पहले चरण में मकानों और उससे जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं. बात दूसरे चरण की करें तो प्रत्येक व्यक्ति की जनसाख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी भी रजिस्टर की जाएगी.

सरकार का कहना है कि इसके तहत व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा और जनगणना अधिनियम के अनुसार कानूनी साक्ष्य या सरकारी लाभों के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा. यह अधिसूचना जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जारी की गई है. इसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर या स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे.