तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर BJP का मुस्लिम दांव? क्या 2027 से पहले नई रणनीति की तैयारी!

नई दिल्ली 26 अगस्त 2026 :  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान किया गया है. बीजेपी की नई कार्यकारिणी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (यूपी) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (MLC) पद से प्रोफेसर मंसूर को संगठन के शीर्ष पद पर लाकर बीजेपी ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है. माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रोफेसर मंसूर की यह नियुक्ति न केवल संगठन के लिए फायदेमंद साबित होगी बल्कि आगामी चुनाव और सांगठनिक अभियानों में भी बीजेपी के समावेशी एजेंडे को मजबूती देगी.
सर्जन और शिक्षाविद से राजनीति तक का सफर
प्रोफेसर तारीक मंसूर की पहचान केवल एक नेता के रूप में नहीं बल्कि एक प्रतिष्ठित डॉक्टर, सर्जन और शिक्षाविद के तौर पर रही है. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और प्रिंसिपल के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद वर्ष 2017 से 2023 तक वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे. एएमयू के वीसी के रूप में उनके कार्यकाल को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जाना जाता है. वीसी पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से विधान परिषद सदस्य (MLC) मनोनीत किया था. अब नितिन नवीन की टीम में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पद देकर पार्टी ने उनके अनुभव और बौद्धिक क्षमता पर भरोसा जताया है.
मुस्लिम समाज और बौद्धिक वर्ग को जोड़ने की रणनीति
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के पीछे पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है. बीजेपी लगातार प्रबुद्ध मुस्लिम वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों में जुटी है. एएमयू जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था के पूर्व कुलपति और पेशे से डॉक्टर रहे एक पढ़े-लिखे चेहरे को केंद्रीय टीम में मुख्य स्थान देकर पार्टी ने मुस्लिम समाज के बीच अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने का कदम उठाया है. नितिन नवीन की नई कार्यकारिणी में उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि पार्टी अब प्रबुद्ध वर्ग को संगठन के मुख्य प्रवाह में आगे रखने की नीति पर काम कर रही है.