10 सितम्बर 2026 : बांग्लादेश के चटगांव में एक मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान एक टैंक में ब्लास्ट हो गया. घटना में टैंक में मौजूद सेना के दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई. धमाका इतना भयानक था कि टैंक के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे क्रू सदस्यों को बाहर निकलने के लिए एक सेकंड भी नहीं मिला. घटना में एक मिलिट्री अफसर गंभीर रूप से घायल हुआ है.
यह हादसा बुधवार, 9 सितंबर को हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ. बांग्लादेश के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टरेट (ISPR) के अनुसार, यह हादसा अचानक तब हुआ जब फील्ड एक्सरसाइज के दौरान एक चीनी निर्मित टैंक फायर कर रहा था. सेना के जवान द्वारा ट्रिगर दबाते ही अचानक ब्लास्ट हो गया. टैंक धमाके में मारे गए जवानों की पहचान अबू बक्र सिद्दीक और तस्नीम रफायत के तौर पर हुई है.
कैप्टन मिर्जा के दो हाथ गंभीर रूप से घायल
घायल अफसर की पहचान कैप्टन मिर्जा के रूप में हुई है. उनके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं. घायल अफसर को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ़्ट करके ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) ले जाया गया. ISPR ने बताया कि हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. बांग्लादेश सेना ने दो जवानों की मौत की पुष्टि की और कहा कि धमाके की वजह की जांच की जा रही है.
चीनी टैंकों पर लंबे से उठ रहे सवाल
मिलिट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह हादसा “बोर प्रीमैच्योर एक्सप्लोजन” यानी बैरल के अंदर ही शेल का फट जाना या गोला-बारूद में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ. चीनी टैंकों के सुरक्षा फीचर्स और मेटल की क्वालिटी लंबे समय से जांच के दायरे में रही है.
जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन टैंकों में थोड़ी सी भी ओवरहीटिंग या कम क्वालिटी वाले गन बैरल की वजह से शेल अंदर ही फट सकता है. हालांकि बांग्लादेश सेना ने मामले की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, लेकिन अब चीनी हथियारों की घटिया क्वालिटी को लेकर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं.
