रायपुर 10 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार और यातायात क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश से जुड़ी 10,783 करोड़ रुपये की तीन मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ में रेल परिवहन की क्षमता बढ़ने के साथ यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की इस मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के रेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और विकास को नई गति मिलेगी।
10,783 करोड़ रुपये का होगा निवेश
मंजूर की गई तीनों मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मल्टीट्रैकिंग का उद्देश्य मौजूदा रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाना और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है।
रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से एक ही मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इससे भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
छत्तीसगढ़ के लिए क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं?
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक राज्यों में शामिल है। प्रदेश से बड़ी मात्रा में कोयला और अन्य खनिजों का परिवहन रेल के जरिए होता है। ऐसे में रेलवे की क्षमता बढ़ाना राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के जरिए रेल नेटवर्क पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इससे माल परिवहन अधिक प्रभावी होने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
यात्री ट्रेनों के संचालन को भी मिल सकता है फायदा
रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ने का सीधा असर यात्री ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ सकता है। अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से ट्रेनों को क्रॉसिंग या मालगाड़ियों के कारण लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम हो सकती है।
भविष्य में यात्री ट्रेनों के संचालन और समय-सारणी को बेहतर बनाने के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपयोगी साबित हो सकती है। इससे छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी
छत्तीसगढ़ में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों, स्टील उद्योग और अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए रेल परिवहन बेहद महत्वपूर्ण है। नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से मालगाड़ियों के लिए अतिरिक्त रेल क्षमता उपलब्ध होगी।
इससे खनिज और औद्योगिक उत्पादों की आवाजाही को गति मिलने की संभावना है। रेलवे के जरिए अधिक माल परिवहन होने से सड़क मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
बड़ी रेल परियोजनाओं के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों, तकनीकी कर्मचारियों, परिवहन सेवाओं और निर्माण सामग्री से जुड़े कारोबार को फायदा मिल सकता है।
परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल नेटवर्क के आसपास आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की संभावना रहती है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को अप्रत्यक्ष रूप से भी लाभ मिल सकता है।
CM साय ने PM मोदी का जताया आभार
तीन बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्य सरकार लंबे समय से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी और रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में 10,783 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं की मंजूरी को राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है।
