नई दिल्ली 10 सितम्बर 2026 : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने पीसी गुप्ता, विजय कोचर और विनय कोचर के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख तय की है। वहीं, कोर्ट ने इसी मामले में 7 लोगों को आरोपों से बरी भी कर दिया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई ज़मीन अपराध से हासिल हुई संपत्ति है। कोर्ट ने आरोपियों को पेश होने का निर्देश दिया है। लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को तय की है।
कोर्ट ने कहा- लालू यादव की भूमिका पर संदेह
आरोप तय करते हुए कोर्ट ने कहा कि लारा प्रोजेक्ट को जिस तरह से फायदा पहुंचा, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है। अदालत ने कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुणे में पट्टा देने के लिए लालू प्रसाद के कहने पर निविदा में हेर-फेर की। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि लालू यादव के खिलाफ हुई जांच राजनीति से प्रभावित थी। अदालत के मुताबिक, मामले में सामने आए तथ्यों और लेनदेन की परिस्थितियों से आरोपों पर आगे सुनवाई की जरूरत बनती है।
7 लोगों को किया बरी
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने गौरव गुप्ता, नाथ मल काकरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव कुमार रेलन और M/s अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड जैसे आरोपियों को बरी कर दिया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई ज़मीन अपराध से हासिल हुई संपत्ति है। कोर्ट ने आरोपियों को पेश होने का निर्देश दिया है। लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को तय की है।
सीबीआई मामले में पहले आरोप हो चुके हैं तय
इससे पहले पिछले साल 13 अक्टूबर को कोर्ट ने कथित IRCTC स्कैम से जुड़े CBI मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और 11 अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। यह मामला तब का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के दो होटलों के ऑपरेशनल कॉन्ट्रैक्ट एक प्राइवेट फर्म को देने में कथित अनियमितताएं हुई थीं। इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया था।
