बिलासपुर 17 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की पात्रता जांच के दौरान बड़ा मामला सामने आया है। जिले में योजना का लाभ ले रहीं 4 लाख 17 हजार 902 महिलाओं के रिकॉर्ड की जांच की गई। इस दौरान 542 हितग्राही अपात्र पाए गए। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपात्र हितग्राहियों से करीब 30 लाख रुपए की वसूली की है। अधिकारियों के मुताबिक सत्यापन और वसूली की कार्रवाई अभी भी जारी है।
4.17 लाख से ज्यादा हितग्राहियों का हुआ सत्यापन
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं लाभ ले रही हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर हितग्राहियों की पात्रता की जांच की जा रही है, ताकि योजना का लाभ केवल निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले लोगों को ही मिले।
इसी प्रक्रिया के तहत बिलासपुर जिले में 4,17,902 लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान दस्तावेजों और पात्रता संबंधी जानकारी का मिलान किया गया।
जांच में 542 महिलाएं मिलीं अपात्र
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 542 हितग्राही ऐसे पाए गए, जो योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे। जांच के बाद विभाग ने इन मामलों में कार्रवाई शुरू की।
अधिकारियों के अनुसार अपात्र पाए गए हितग्राहियों को योजना के तहत मिली राशि वापस करने की प्रक्रिया अपनाई गई। इसी क्रम में विभाग अब तक करीब 30 लाख रुपए की वसूली कर चुका है।
लगातार जारी है वसूली का अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया लगातार चल रही है। जांच के दौरान यदि कोई अन्य हितग्राही अपात्र पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग द्वारा यह भी देखा जा रहा है कि अपात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ किस आधार पर मिला और रिकॉर्ड में उनकी पात्रता किस तरह दर्ज हुई थी। जरूरत के अनुसार संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
