पश्चिम बंगाल 19 सितम्बर 2026 : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और TMC नेता ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पार्टी के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को रद्द करने की मांग की है। यह विवाद TMC के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावे के बाद सामने आया है। चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को मूल नाम और प्रतीक के इस्तेमाल से रोकते हुए अंतरिम व्यवस्था लागू की है।
ममता बनर्जी के गुट ने चुनाव आयोग के फैसले पर आपत्ति जताई है और मूल पार्टी पहचान वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में चुनाव आयोग और प्रतिद्वंद्वी गुट के नेता को पक्षकार बनाया गया है।
EC ने ममता गुट को दिया नया नाम और सिंबल
चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों को देखते हुए ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया है और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है।
वहीं, दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह दिया गया है। यह व्यवस्था फिलहाल आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम तौर पर लागू की गई है।
नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम
इसी घटनाक्रम के बीच ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने और कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है।
इस तरह एक ही दिन में TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर EC का फैसला, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर ममता बनर्जी के फैसले जैसे कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं।
