उलटफेर से बाल-बाल बची टीम इंडिया, 41वीं रैंक के जापान ने छुड़ाए पसीने

सानो 22 सितम्बर 2026 : भारत ने जापान को टी-20 इंटरनेशनल में हरा दिया, इस बात पर खुश होना चाहिए या फिर जापान को हारने में भारतीय टीम के पसीने छूट गए, इस बात पर चौंकना चाहिए! भारत और जापान के बीच पॉलिटिकल रिश्तों को 75 साल पूरा होने के मौके पर आज मारुति-सुजुकी कप के तहत ऐतिहासिक क्रिकेट मैच खेला गया. इस टी-20 मुकाबले की शुरुआत से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि इसका अंत इतना रोमांचक होगा.
20-20 नहीं 5-5 ओवर्स का हुआ मैच
चक्रवात और खराब मौसम के चलते मैदान गीला होने की वजह से पहले तो 20-20 ओवर्स के मैच को कम करके पांच-पांच ओवर्स का कर दिया गया. फिर वर्षाबाधित मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम सिर्फ चार विकेट खोकर सिर्फ 32 रन ही बना पाई. जब जापान की बैटिंग शुरू हुई तो लगा कि आज खेल जगत का सबसे बड़ा उलटफेर होने वाला है. नौसिखिया जापान ने तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया को घुटनों पर ला दिया. मगर आखिरी गेंद पर चौका नहीं लग पाया और भारत जीत गया.
श्रेयस अय्यर ने 12 गेंद में सबसे ज्यादा 16 रन बनाए
भारत के लिए अभिषेक शर्मा (0), संजू सैमसन (सात गेंद में नौ रन), ईशान किशन (6 गेंद में 3 रन) किसी का बल्ला नहीं चला. कप्तान श्रेयस अय्यर भारत की ओर से (12 गेंद में 16 रन) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में सारे खिलाड़ी स्लो और टर्निंग पिच पर फंसते चले गए. इसके बाद जब जापानी टीम बल्लेबाजी करने आई तो उसके बैटर्स ने भी यही गलती दोहराई. भारत ने अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई से गेंदबाजी करवाई. एक भी पेसर या मीडियम पेसर को अटैक पर नहीं लगाया
अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में बचाया मैच
जापान को आखिरी ओवर में आठ रन चाहिए थे, तब बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के 150 से ज्यादा आईपीएल मैच खेलने का अनुभव काम आया, उन्होंने शिराई पटमोर और बेंजामिन इटो डेविस को जोखिम लेने का कोई मौका नहीं दिया. और आखिरी ओवर में आठ रन का सफलतापूर्वक बचाव किया. बारिश के कारण आउटफील्ड की गति धीमी हो जाने से भी मदद मिली. अक्षर पटेल ने दो ओवर में सात रन दिए तो वाशिंगटन सुंदर ने दो ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिए. रवि बिश्नोई एक ओवर में 10 रन लुटा गए.