कोलकाता 22 सितम्बर 2026 : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जारी विवाद के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने तीन बैंक खातों से पार्टी के रोजमर्रा के खर्च का संचालन जारी रखने की अनुमति दी है। ये खाते पहले पुलिस की ओर से फ्रीज किए गए थे।
जनवरी 2027 तक जारी रहेगा आदेश
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत ने पहले दिए गए आदेश को 29 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने अभी तक यह अंतिम रूप से तय नहीं किया है कि TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर किस गुट का अधिकार होगा। मामले की आगे सुनवाई भी तय की गई है।
तीन बैंक खातों से रोजमर्रा के खर्च की अनुमति
कोर्ट के पहले के आदेश के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट अदालत द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी के माध्यम से तीन बैंक खातों से जरूरी दैनिक खर्च कर सकता है। ये खाते पुलिस की ओर से कथित अवैध लेनदेन के आरोपों के बाद फ्रीज किए गए थे। हाईकोर्ट ने अब इसी व्यवस्था को आगे जारी रखने की अनुमति दी है।
चुनाव आयोग के आदेश का क्या होगा असर?
मामले में यह दलील दी गई थी कि चुनाव आयोग द्वारा TMC के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह पर अंतरिम व्यवस्था लागू किए जाने के बाद ममता गुट को इन बैंक खातों के संचालन का अधिकार नहीं रहना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने माना कि चुनाव आयोग का आदेश फिलहाल अंतरिम है और आगामी उपचुनावों के संदर्भ में लागू है।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के बीच नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं किया है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने बैंक खातों से संबंधित अपनी अंतरिम व्यवस्था को जारी रखा है।
सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा है मामला
TMC के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट का बैंक खातों से जुड़ा आदेश ममता गुट के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
