रायपुर 24 September 2026 : छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर के शासकीय मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में 25 सितंबर से OPD सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। हालांकि, JDA ने साफ किया है कि आंदोलन के दौरान मरीजों को पूरी तरह इलाज से वंचित नहीं किया जाएगा। जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय सलाह देने के लिए अस्पतालों के बाहर समानांतर OPD संचालित की जाएगी।
सात दिन के आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान
JDA के मुताबिक, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई बैठक में डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगें रखी थीं। संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों पर समाधान के लिए सात दिन का समय लिया गया था। इसी भरोसे पर आंदोलन को कुछ समय के लिए टालकर नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रखी गईं।
JDA का दावा है कि निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आदेश सामने नहीं आया। इसके बाद संगठन ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
अस्पताल के बाहर चलेगी समानांतर OPD
OPD बहिष्कार के दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए JDA ने वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, अस्पताल के बाहर समानांतर OPD लगाकर जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा।
JDA का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य मरीजों को परेशान करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं पर भी असर की चेतावनी
JDA ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही है। संगठन के अनुसार, यदि मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं हुआ तो 28 सितंबर से PG रेजिडेंट्स, MBBS इंटर्न्स, बॉन्डेड मेडिकल ऑफिसर्स और सीनियर रेजिडेंट्स इमरजेंसी सेवाओं से भी अलग हो सकते हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
जूनियर डॉक्टरों की मांगों में MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, PG रेजिडेंट्स के वेतन-मानदेय में संशोधन, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड डॉक्टरों से जुड़े भुगतान, स्टाइपेंड विसंगतियों तथा बॉन्ड से संबंधित लंबित मामलों का समाधान शामिल है। पहले JDA ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी।
