Saudi Arabia पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, एयर डिफेंस ने नाकाम किया Houthi का अटैक

Saudi Arabia Houthi Attack: 25 सितंबर 2026: यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि उसने हूतियों की ओर से दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। मिसाइलों को सऊदी अरब के ताइफ और लाल सागर के रणनीतिक शहर यानबू की ओर आते हुए बताया गया।

हूतियों ने रियाद और अरामको को निशाना बनाने का किया दावा

मिसाइलों को रोके जाने के कुछ घंटों बाद हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब में रियाद के एक संवेदनशील ठिकाने और यानबू स्थित सऊदी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया। हूतियों के मुताबिक, इन हमलों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, रियाद पर हमले के इस दावे की सऊदी अरब की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं हुई।

सऊदी एयर डिफेंस ने 6 मिसाइलें रोकीं

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा कि एयर डिफेंस ने हूतियों द्वारा लॉन्च की गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने कई इलाकों के लिए खतरे की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।

इसके अलावा, रॉयटर्स के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया कि यानबू क्षेत्र में ग्रीक सैन्यकर्मियों द्वारा संचालित एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को भी इंटरसेप्ट किया।

फ्रांस भेजेगा सैनिक, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम

हूती हमलों के बीच फ्रांस ने सऊदी अरब के यानबू की सुरक्षा में मदद करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अनुसार, फ्रांस वहां सैनिक, रडार और रक्षा प्रणालियां तैनात करेगा। मैक्रों ने इसे यानबू की सुरक्षा के लिए उठाया गया रक्षात्मक कदम बताया है।

यानबू सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल केंद्र है। यहां बड़े तेल भंडारण, रिफाइनिंग और निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे मौजूद हैं। लाल सागर पर स्थित होने के कारण यह सऊदी तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध कराता है।

बढ़ता जा रहा है यमन-सऊदी तनाव

यमन में हूतियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई भी तेज हुई है। पिछले कुछ समय में सऊदी क्षेत्र और महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने के दावों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। ऐसे में यानबू की सुरक्षा को लेकर फ्रांस की सैन्य सहायता की घोषणा को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।