भारत ने रचा कबड्डी में इतिहास, एक दिन में दो गोल्ड अपने नाम

Asian Games 2026 : भारत ने एशियन गेम्स में एक ही दिन कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।

2010 में इस कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट में महिला कबड्डी इवेंट की शुरुआत के बाद से, भारत ने अब तक हुए पांच एशियन गेम्स में से चार बार गोल्ड मेडल जीता है। ईरान ने जकार्ता 2018 में फाइनल में भारत को हराकर यह खिताब जीता था।

ईरान ने फाइनल मैच की शुरुआत अपनी स्टार रेडर और कप्तान जहरा करीमी को बेंच पर बैठाकर की।

डिफेंडिंग चैंपियन ने शानदार शुरुआत की। रेडर पूजा, संजू देवी और निकिता हथवाला ने शुरुआती अंक हासिल किए और टीम को 5-2 की बढ़त दिला दी।

हालांकि, ईरान ने सुपर टैकल के जरिए स्कोर बराबर किया और 7-5 की बढ़त बना ली। लेकिन भारत ने तुरंत वापसी करते हुए मैच का पहला ‘ऑल आउट’ करते हुए ईरान पर 13-10 की बढ़त बना ली।

India's Second Kabaddi Gold: कबड्डी में भारत का डबल गोल्ड

इसके तुरंत बाद निकिता हथवाला ने दो अंक की रेड की और स्कोर 15-10 कर दिया।

करीमी मैट पर वापस लौटीं और एटेना मादेदी की मदद से मैच का रुख बदलने की पूरी कोशिश की। हालांकि, भारतीय डिफेंस ने ईरान की स्टार रेडर सानिया नईमी को कोई मौका नहीं दिया और उन पर पूरी तरह पकड़ बनाए रखी।

संजू देवी ने एक और मल्टी-प्वाइंट्स रेड की, जिसमें बोनस और दो टच प्वाइंट्स शामिल थे। वहीं, डिफेंस ने लगातार सफल टैकल किए। इससे हाफ-टाइम से दो मिनट पहले ही भारत की बढ़त दो अंकों तक पहुंच गई।

हालांकि, हाफ-टाइम की सीटी बजने से पहले के आखिरी दो मिनट ईरान के नाम रहे। एक सुपर टैकल, उसके बाद बोनस और मादेदी के शानदार एंकल होल्ड की बदौलत जकार्ता 2018 की चैंपियन टीम ने ब्रेक तक अंतर को कम करके 22-16 कर दिया।

दूसरे हाफ में ईरान पूरी तरह जोश में नज़र आया। डिफेंस के मजबूत खेल और सानिया नईमी के अचानक फॉर्म में लौटने से उन्होंने स्कोर का अंतर कम करके 23-20 कर दिया।

दबाव के बीच, जब मैट पर भारत की ओर से सिर्फ दो खिलाड़ी बचे थे, तब रितु नेगी ने सानिया पर शानदार ‘थाई होल्ड’ करते हुए ‘सुपर टैकल’ किया। पूजा ने भी अहम अंक हासिल किए, जिससे भारत को पूरी तरह आउट होने से बचाया जा सका। लेकिन आखिरकार मददी ने एक ही रेड में दो टच प्वाइंट हासिल करके ‘ऑल आउट’ कर दिया और खेल को सिर्फ एक अंक के अंतर (27-26) पर ला दिया, जबकि खेल खत्म होने में आठ मिनट बाकी थे।

खेल का रुख बदलने के लिए भारत ने रेडर्स पर भरोसा किया और उन्होंने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। पूजा ने पूरे मैच की तरह लगातार टच प्वाइंट हासिल किए और संजू देवी ने भी कुछ बड़ी रेड के जरिए अहम योगदान दिया।

मैच खत्म होने में चार मिनट से भी कम समय बचा था और भारत ने 34-28 की बढ़त बना ली थी।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, ईरान के खेल में गलतियां होती गईं, जबकि भारत ने रेड के दौरान समय बिताने की रणनीति अपनाई। आखिरकार भारत ने 37-34 से जीत हासिल की और अपना खिताब बचाने में कामयाब रहा।

भारत और ईरान का मुकाबला आज बाद में एशियन गेम्स 2026 के मेंस कबड्डी गोल्ड मेडल मैच में भी होगा।

आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में महिला कबड्डी टूर्नामेंट में आठ टीमें शामिल थीं, जिन्हें दो बराबर ग्रुप में बांटा गया था।

भारत को ग्रुप ए में बांग्लादेश, मेजबान जापान और ईरान के साथ रखा गया था। ग्रुप बी में श्रीलंका, थाईलैंड, चीनी ताइपे और नेपाल शामिल थे।

राउंड-रॉबिन मैचों के बाद, हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमी-फाइनल में पहुंची गईं। सेमी-फाइनल में हारने वाली टीमें, चीनी ताइपे और नेपाल, ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं।