नई दिल्ली 06 October 2026 : चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ मंगलवार को दिल्ली में शुरू हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत 19 विपक्षी दलों के सांसद संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद कई विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR को रद्द करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सांसदों के हाथों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ के बैनर नजर आए और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाए गए।
पुलिस ने रोका मार्च, जमीन पर बैठे सांसद
नई संसद से चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद सांसद सड़क पर बैठ गए। मार्च में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। हालांकि, AAP और DMK इस मार्च में शामिल नहीं हैं।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग, जंतर-मंतर, विजय चौक और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। मार्च के चलते सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक को डायवर्ट और नियंत्रित किया गया है।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें बताई हैं। इनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के कारण करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का अवसर मिलना चाहिए।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सिर्फ बीजेपी के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और अब भी विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि SIR की घोषणा के बाद से समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष तब तक विरोध जारी रखेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया नहीं जाता।
विपक्ष ने रखी हैं पांच मांगें
INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर पांच प्रमुख मांगें रखी गई थीं। इनमें CEC के इस्तीफे के अलावा मतदाता सूची में पारदर्शिता, SIR से जुड़े फैसलों की समीक्षा, EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव और विपक्षी दलों की एकजुटता शामिल है।
विपक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का मौका मिलना चाहिए।
19 विपक्षी दल मार्च में शामिल
INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियां इस मार्च में शामिल हैं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, NC, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J) शामिल हैं। इन दलों के पास लोकसभा में कुल 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही लोकतंत्र के लिए जरूरी है। वहीं, SIR और मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
