वैशाली नाव हादसा: मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये, घायलों को मिलेगी 50 हजार की सहायता

बिहार: 14 अक्टूबर 2026 : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की रात हुए इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 6 से 18 साल के बीच बताई गई है। इनमें एक ही परिवार की 7 बच्चियां शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रात करीब 8:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे हुआ। नाव में 25 से अधिक लोग सवार थे, जो गंगा नदी पार कर एक तेरहवीं के भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव पलट गई और कई लोग डूबने लगे।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने रस्सियों, मोटी लकड़ियों और खाट की मदद से डूब रहे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

15 साल की चांदनी ने बचाईं दो बच्चों की जान

इस दर्दनाक हादसे के बीच 15 वर्षीय चांदनी कुमारी ने साहस दिखाते हुए दो बच्चों की जान बचाई। चांदनी के मुताबिक, नाव चलने के करीब आधे घंटे के भीतर हादसा हो गया। उसने तैरकर अपने बड़े भाई के दो बच्चों को पानी से बाहर निकाला।

हादसे के बाद चांदनी को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी हालत ठीक है। मुश्किल हालात में चांदनी की बहादुरी ने दो परिवारों को बड़ी राहत दी।

नाव में छेद होने से हुआ हादसा?

नाव से बचाए गए बच्चों ने बताया कि नाव में एक छोटा-सा छेद था, जिससे पानी अंदर आने लगा था। पानी भरने के कारण नाव असंतुलित हो गई और आखिरकार पलट गई।

एक बच्चे ने बताया कि नाव में पानी भरने के बाद उसे बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, स्थानीय लोगों की मदद से कुछ लोगों को बचा लिया गया। हादसे के बाद नाव की जर्जर स्थिति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

चार घायलों का अस्पताल में इलाज

हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में बच्चों समेत अन्य घायलों का उपचार किया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर थी और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया।

इस बीच SDRF की टीम ने गंगा नदी में तलाशी और बचाव अभियान चलाया। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया।

प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश

वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नाव के मालिक, नाव का संचालन करने वाले व्यक्ति और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

जिलाधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया कि संबंधित नाव पहले से परिचालन में थी। प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता मिलनी चाहिए। वहीं, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी कहा कि घटना में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैशाली नाव हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई।

इस हादसे ने एक बार फिर नदी में नावों के सुरक्षित संचालन, यात्रियों की क्षमता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।