सेहत : 29 अक्टूबर 2026 : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात खाना खाना और आधी रात को स्नैक्स खाने की आदत तेजी से आम हो रही है। लंबे समय तक काम करना, मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय बिताना और अनियमित नींद इसकी मुख्य वजह हैं। लेकिन खाने का समय भी हमारे दिमाग और दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इस आदत से स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्ट्रोक से बचने के लिए सिर्फ दवाएं ही काफी नहीं है इसके लिए रोज की आदतें, खानपान, शारीरिक गतिविधि और नींद भी लंबे समय में स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। हालांकि कभी-कभार देर से खाना खाने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को स्ट्रोक होने का खतरा निश्चित है। चिंता की बात तब है, जब अनियमित और असंतुलित खानपान नियमित दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है।
बायोलॉजिकल क्लॉक पर असर
हमारे शरीर में 24 घंटे की बायोलॉजिकल क्लॉक होती है यानि जैविक घड़ी, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह नींद, हार्मोन, रक्तचाप और मेटाबॉलिज्म जैसी प्रक्रियाओं को कंट्रोल करने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देर रात बार-बार भोजन करने और सोने-जागने का समय बदलते रहने से शरीर की इन प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।
साल 2023 में नेचर कम्युनिकेशंस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख से ज्यादा युवाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें रात 9 बजे के बाद आखिरी भोजन करने वाले लोगों में रात 8 बजे से पहले भोजन करने वालों की तुलना में सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी का खतरा 28 प्रतिशत ज्यादा पाया गया। हालांकि, यह एक ऑब्जर्वेशन बेस्ड स्टडी थी। इससे दोनों के बीच संबंध का संकेत मिलता है, लेकिन यह साबित नहीं होता कि देर रात खाना सीधे स्ट्रोक का कारण बनता है।
आधी रात की भूख में क्या खा रहे हैं, यह भी जरूरी
देर रात भूख लगने पर अक्सर लोग चिप्स, नमकीन, मिठाइयां, तले हुए खाद्य पदार्थ और पैकेज्ड स्नैक्स खाते हैं। इनमें नमक, चीनी, अनहेल्दी फैट या कैलोरी ज्यादा होती है। इन चीजों को रोजाना खाने से वजन बढ़ने, ब्लड प्रेशर बिगड़ने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में परेशानी पैदा हो सकती है।
कुछ लोग देर रात खाने की आदत की वजह से नाश्ता छोड़ देते हैं। रात में जरूरत से ज्यादा खाने से अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। लंबे समय में ऐसी आदतें मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से जुड़ सकती हैं। ये सभी स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाने के कारण हैं।
रात के खाने का समय कैसे सुधारें?
खाने में क्या खा रहे हैं इससे साथ ही कब खा रहे हैं इस बात का भी ख्याल रखें। भोजन का समय नियमित रखना और सोने से ठीक पहले भारी खाना खाने से बचना फायदेमंद होता है। रात का खाना ऐसा समय खाएं, कि सोने और खाने में खाने को पचाने के समय मिल जाए। यानि करीब 2-3 घंटे का अंतर हो। ये अच्छी आदत है, हालांकि इससे स्ट्रोक का खतरा कम होने की गारंटी नहीं है।
खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन खाएं। अगर देर रात जाग रहे हैं तो भूख लगने पर चिप्स और मीठे स्नैक्स के बजाय कम मात्रा में पौष्टिक चीजें खाएं। रात की शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को भी अपने काम के अनुसार संतुलित भोजन और नियमित नींद की दिनचर्या बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।
स्ट्रोक के लक्षण पहचानना जरूरी
खानपान में सुधार के साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी जरूरी है। हेल्दी वेट रखना, नियमित व्यायाम करना, तंबाकू से दूर रहना और पर्याप्त नींद लेना स्ट्रोक की रोकथाम के लिए जरूरी है।
चेहरे का अचानक एक तरफ झुकना, शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, अचानक दिखाई देना कम होना या संतुलन बिगड़ना स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। स्ट्रोक में समय पर इलाज मिलने से परिणाम बेहतर होने की संभावना बढ़ सकती है।
Disclaimer: (इस समाचार में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
