छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का बड़ा अपडेट, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की भर्ती पर हाईकोर्ट का अहम आदेश

बिलासपुर 30 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ के युवाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर स्थित राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 448 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। हाईकोर्ट ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के राज्य शासन के फैसले को मनमाना ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूर्ण करने को कहा है।

हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने का फैसला किया निरस्त

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय उचित नहीं था। अदालत ने राज्य शासन के इस फैसले को मनमाना मानते हुए निरस्त कर दिया।

इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो वर्ष 2022 में जारी भर्ती विज्ञापन के आधार पर आवेदन कर चुके थे और लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे थे।

20 जुलाई 2022 के विज्ञापन के आधार पर होगी भर्ती

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया 20 जुलाई 2022 को जारी विज्ञापन और बाद में प्रकाशित संशोधित विज्ञापन के आधार पर दोबारा शुरू की जाए।

अदालत ने निर्देश दिया है कि प्रक्रिया को उसी चरण से आगे बढ़ाया जाए, जहां उसे पहले रोक दिया गया था। इसका मतलब है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने के बजाय पूर्व में हुई कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी प्रक्रिया

जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की पीठ ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा भी दी है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, आदेश की प्रति प्राप्त होने के तीन महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इस निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग पर भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होगी।

448 पदों पर भर्ती से युवाओं को मिलेगी राहत

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 448 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन पदों पर नियुक्तियां होने से मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक और सहायक सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।