रायपुर 31 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने और औद्योगिक जमीन के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने भूमि प्रबंधन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस संबंध में संशोधन की अधिसूचना राजपत्र में जारी कर दी गई है। नए प्रावधानों के तहत औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण, उप-विभाजन, अतिरिक्त भूमि के उपयोग और अनुमति प्राप्त गतिविधियों को लेकर व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। माना जा रहा है कि इन संशोधनों से उद्योगपतियों और निवेशकों को औद्योगिक भूमि के उपयोग में अधिक सुविधा मिलेगी। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध जमीन का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
भारत सरकार की अनुशंसाओं के आधार पर हुआ संशोधन
उपलब्ध संशोधन पाठ के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने यह कदम भारत सरकार की डी-रेग्युलेशन टास्क फोर्स की अनुशंसाओं के अनुपालन में उठाया है। इसके तहत प्राथमिकता क्षेत्र-3 यानी भूमि उपयोग सुगमता से संबंधित सुझावों को लागू करने का प्रयास किया गया है।
इसका प्रमुख उद्देश्य औद्योगिक जमीन के प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उद्योगों के संचालन में आने वाली अनावश्यक बाधाओं को कम करना है। नए नियमों से औद्योगिक भूमि के आवंटन और उसके उपयोग को लेकर अधिक व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने की कोशिश की गई है।
औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण की मिलेगी सुविधा
संशोधन में औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण को लेकर नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत निर्धारित शर्तों और प्रक्रिया के अनुसार औद्योगिक भूखंडों को एक साथ जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
इससे ऐसे उद्योगों को लाभ मिल सकता है, जिन्हें अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए बड़ी जमीन की आवश्यकता होती है। अलग-अलग भूखंडों पर संचालित औद्योगिक गतिविधियों को एक ही परिसर में व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।
जमीन के उप-विभाजन और अतिरिक्त भूमि के उपयोग पर नए नियम
नए संशोधन में औद्योगिक भूखंडों के उप-विभाजन को लेकर भी व्यवस्था की गई है। इससे निर्धारित नियमों के तहत जमीन के उपयोग को जरूरत के अनुसार व्यवस्थित करने का रास्ता खुल सकता है।
इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि के उपयोग को लेकर भी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य औद्योगिक परिसरों में खाली पड़ी जमीन का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
अनुमति प्राप्त गतिविधियों को लेकर भी बदलाव
भूमि प्रबंधन नियमों में अनुमति प्राप्त गतिविधियों को लेकर भी संशोधन किया गया है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में किन गतिविधियों को संचालित किया जा सकता है, इसे लेकर नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इससे उद्योगों को अपनी जरूरत के अनुसार सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित नियमों और संबंधित विभाग की अनुमति का पालन करना आवश्यक होगा।








