20 नवंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान, देवउठनी एकादशी पर GAD ने जारी किया आदेश

रायपुर 03 नवंबर 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने देवउठनी एकादशी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है। अब 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर स्थित शासकीय कार्यालयों में स्थानीय छुट्टी रहेगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

सरकार के इस फैसले से राजधानी क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों को त्योहार के अवसर पर अवकाश मिलेगा। देवउठनी एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु के चार महीने की योगनिद्रा से जागने की धार्मिक मान्यता है। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी मानी जाती है।

20 नवंबर शुक्रवार को रहेगा स्थानीय अवकाश

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, देवउठनी एकादशी के अवसर पर 20 नवंबर शुक्रवार को स्थानीय अवकाश निर्धारित किया गया है। यह छुट्टी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के शासकीय कार्यालयों के लिए लागू होगी।

राज्य सरकार ने स्थानीय परिस्थितियों और त्योहार के महत्व को ध्यान में रखते हुए अवकाश की तारीख में बदलाव किया है। आदेश जारी होने के बाद संबंधित सरकारी कार्यालयों में इसकी जानकारी भेजी जा रही है।

रायपुर और नवा रायपुर के कर्मचारियों को मिलेगी राहत

इस स्थानीय अवकाश का लाभ राजधानी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर स्थित सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि, यह आदेश पूरे छत्तीसगढ़ में सामान्य अवकाश घोषित किए जाने के समान नहीं है।

अन्य जिलों में सरकारी कार्यालयों की छुट्टी संबंधित जिला प्रशासन और जारी अवकाश आदेशों के अनुसार निर्धारित होगी। इसलिए कर्मचारियों को अपने कार्यालय के निर्देशों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

देवउठनी एकादशी का क्या है धार्मिक महत्व?

हिंदू पंचांग के अनुसार देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं।

इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। कई स्थानों पर इस पर्व को देवोत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।