15 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, स्मृति ईरानी भी रहेंगी मौजूद

रायपुर 06 नवंबर 2026 : छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी का बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक जमावड़ा देखने को मिलेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इस दिन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ पहुंचेंगे, जहां आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नितिन नबीन का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनके आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर उनका छत्तीसगढ़ आगमन प्रस्तावित है।

नितिन नबीन के दौरे से पहले भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी

नितिन नबीन के दौरे से पहले भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वे 11 नवंबर को प्रदेश का दौरा करेंगी और सीधे धरमजयगढ़ जाकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेंगी। हालांकि, कुछ शुरुआती जानकारी में उनके आगमन की तारीख 10 नवंबर बताई गई थी, जबकि विस्तृत कार्यक्रम संबंधी खबरों में 11 नवंबर का उल्लेख है।

ऐसे में उनके दौरे की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला छत्तीसगढ़ प्रवास भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ दौरा प्रदेश संगठन के लिए खास महत्व रखता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर होने वाले इस प्रवास में उनका प्रमुख कार्यक्रम..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर होने वाले इस प्रवास में उनका प्रमुख कार्यक्रम धरमजयगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह होगा। प्रदेश भाजपा के नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत की तैयारियों में जुटेंगे। नितिन नबीन के दौरे को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे संगठन और सरकार के बीच समन्वय मजबूत करने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी से प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। स्मृति ईरानी संभालेंगी तैयारियों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी का पहले पहुंचना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे धरमजयगढ़ में कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर सकती हैं।

आयोजन में प्रदेश स्तर के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों की भागीदारी को देखते हुए भाजपा संगठन तैयारियों को व्यवस्थित करने में जुटा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं, अतिथियों के स्वागत और कार्यक्रम के संचालन को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाता है जनजातीय गौरव दिवस जनजातीय गौरव दिवस प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों के योगदान को सम्मान देना तथा जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत को पहचान दिलाना है। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित करते हुए उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया था।

इसलिए 15 नवंबर का दिन जनजातीय समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में दौरे पर नजर छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है। ऐसे में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का धरमजयगढ़ पहुंचना राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी प्रस्तावित है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी के दौरे से पार्टी संगठन को मजबूती देने का अवसर मिलेगा।

अब सभी की नजरें 11 नवंबर को स्मृति ईरानी के प्रस्तावित दौरे और 15 नवंबर को नितिन नबीन के धरमजयगढ़ पहुंचने पर टिकी हैं। इस दौरान कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व की ओर से क्या संदेश दिया जाता है, यह भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।