धनतेरस 2026 पर बाजार में होगी धनवर्षा! सोने की रिकॉर्ड कीमतों के बीच 66 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान

नई दिल्ली 07 नवंबर 2026 :  धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा इस साल भी बरकरार है, लेकिन सोने की आसमान छूती कीमतों ने बाजार का पूरा गणित बदल दिया है। सोने की रिकॉर्ड कीमतों और लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद ज्वैलरी बाजार में जबरदस्त कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। ज्वैलर्स के मुताबिक, इस धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री करीब 66 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

हालांकि, बाजार में खरीदारी की तस्वीर पहले जैसी नहीं है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़े बताते हैं कि सोने की ऊंची कीमतों के कारण वजन के लिहाज से इसकी मांग में कमी आ रही है। यानी ग्राहक सोना खरीदना तो चाहते हैं, लेकिन बजट के अनुसार कम वजन के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके साथ ही ग्राहकों की पसंद और खरीदारी के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।

66 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद

धनतेरस को देशभर में सोना-चांदी खरीदने के लिए सबसे शुभ अवसरों में से एक माना जाता है। इस दिन ज्वैलरी दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखने को मिलती है। AIJGF के अनुमान के मुताबिक, इस बार सोने और चांदी का कुल कारोबार लगभग 66 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

सोने की कीमतों में तेजी के बावजूद त्योहारी मांग और निवेश के उद्देश्य से खरीदारी बाजार को मजबूती दे रही है।

महंगे सोने ने बदला ग्राहकों का खरीदारी ट्रेंड

सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण ग्राहकों को अपनी खरीदारी की योजना बदलनी पड़ रही है। पहले जहां लोग भारी वजन के आभूषण खरीदना पसंद करते थे, वहीं अब हल्के और कम वजन वाले डिजाइन की मांग बढ़ रही है।

ज्वैलरी बाजार में हल्की चेन, छोटे पेंडेंट, अंगूठी और कम वजन वाले आभूषण ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। कई ग्राहक बजट के अनुसार सोने की खरीदारी कर रहे हैं।

वजन घटा, लेकिन कीमत के हिसाब से कारोबार मजबूत

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, सोने की ऊंची कीमतों का असर इसकी मांग पर पड़ रहा है। ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। हालांकि, कीमत अधिक होने के कारण कम वजन की बिक्री के बावजूद कुल कारोबार का मूल्य मजबूत बना हुआ है।

इससे बाजार में एक अलग तरह का रुझान देखने को मिल रहा है। यानी सोने की मांग वजन के लिहाज से भले प्रभावित हो रही हो, लेकिन रुपये के लिहाज से कारोबार बड़ा बना हुआ है।

निवेश के लिए भी सोने पर भरोसा

सोने को भारतीय परिवारों में परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश का माध्यम माना जाता है। महंगाई, आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच लोग सोने को लंबे समय के निवेश के विकल्प के रूप में देखते हैं।