PoK में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, मुजफ्फराबाद में पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव

जम्मू-कश्मीर 08 नवंबर 2026 : पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रावलाकोट से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब राजधानी मुजफ्फराबाद तक पहुंच गया है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मुजफ्फराबाद में धारा 144 लागू कर दी है।

मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल

रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में मुजफ्फराबाद में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेहरे पर कपड़ा बांधकर सड़कों पर उतरते हुए पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी की।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और PoK पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। रिपोर्ट में गोलीबारी किए जाने का भी दावा किया गया है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपर प्लेट और चेला बंदी इलाकों में टायर जलाकर विरोध जताया।

तनाव बढ़ने के बाद प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। शहर के बाजार बंद हैं और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

रावलाकोट में 150 दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन

PoK के रावलाकोट में पिछले करीब 150 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए गुरुवार को पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने अभियान शुरू किया था।

इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने रावलाकोट बस टर्मिनल के पास स्थित धरना स्थल पर कब्जा कर लिया। वहीं, उमर फारूक चौक पर तनाव बना हुआ है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में अब दूसरे इलाकों में भी प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

गोलीबारी और ड्रोन हमलों में 9 लोगों की मौत का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से जारी कार्रवाई के दौरान गोलीबारी, ड्रोन हमलों और RPG-7 रॉकेट के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में अब तक 9 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है।

इसके बावजूद 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों के धरना स्थलों पर डटे होने की बात कही जा रही है। रावलाकोट से शुरू हुआ आंदोलन अब मुजफ्फराबाद तक फैल गया है। ऐसे में PoK में लगातार बिगड़ते हालात पाकिस्तान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।