दिल्ली की साकेत जिला अदालत ने शनिवार को ‘गांधी गोडसे- एक युद्ध’ के निर्माता राजकुमार संतोषी के खिलाफ वारंट जारी किया है। संतोषी समन जारी होने बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। फिल्म के सह निर्माता झूलन प्रसाद गुप्ता ने संतोषी पर चेक बाउंस होने का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, साकेत जिला अदालत के मजिस्ट्रेट आकाश शर्मा ने कहा कि समन जारी होने के बावजूद राजकुमार संतोषी कोर्ट में पेश नहीं हुए। इससे प्रतीत होता है कि संतोषी ने जानबूझकर ऐसा किया है। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी जानबूझकर अदालत के सामने पेश नहीं हुआ है। फिल्म के निर्माण के वित्तपोषण के लिए संतोषी प्रोडक्शंस एलएलपी और झूलन प्रसाद गुप्ता के बीच एक समझौते के आधार पर संतोषी द्वारा गुप्ता को एक करोड़ का चेक जारी किया गया था। बैंक ने इस चेक को डिसक्वालिफाई कर दिया था। उसके बाद फिल्म के सह निर्माता झूलन प्रसाद गुप्ता ने संतोषी पर केस दर्ज कराया था।
संतोषी के वकील ने इस आधार पर कोर्ट में उनकी उपस्थिति से छूट मांगी कि उन्हें 2 जुलाई को ही समन प्राप्त हुआ था। हालांकि गुप्ता के वकील ने उपस्थिति से छूट का विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि संतोषी को 14 अप्रैल को भी समन भेजा गया था। इसलिए कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला है कि संतोषी जानबूझकर अदालत के सामने पेश होने में विफल रहे। अदालत ने 30 दिनों के भीतर संतोषी के खिलाफ 10,000 रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया, जो 11 सितंबर को वापस किया जा सकता है। गौरतलब है कि 18 फरवरी को चेक बाउंस के एक अन्य मामले में राजकुमार संतोषी को दो साल की जेल और 20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
जिला अदालत में झूलन प्रसाद गुप्ता का प्रतिनिधित्व रायसा लॉ पार्टनर्स के वकील संगीत राय ने किया, जबकि राजकुमार संतोषी का प्रतिनिधित्व वकील दिलीप कुमार ने किया।
