नई दिल्ली / विशाखापट्टनम, 21 जून 2025
आज पूरी दुनिया में 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने जनसमूह के साथ योगाभ्यास किया और वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “योग सभी के लिए है। यह न सिर्फ शरीर बल्कि मन और आत्मा को भी स्वस्थ करता है। बढ़ता मोटापा आज वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में खाने में 10% तेल कम करने का चैलेंज शुरू किया था। मैं आज एक बार फिर दुनियाभर के लोगों से इस चैलेंज से जुड़ने की अपील करता हूं।”
इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और अभिनेता व राजनेता पवन कल्याण भी उपस्थित रहे। भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी इस योग सत्र में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत योग की वैज्ञानिकता को आधुनिक चिकित्सा पद्धति में शामिल करने के प्रयास कर रहा है। देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में योग पर शोध कार्य जारी है, जिससे योग को वैश्विक चिकित्सा मानकों में स्थान मिल सके।
देशभर में योग की गूंज
जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और भारतीय सेना के जवानों ने ऊंचाई वाले इलाके में सामूहिक योग किया।
श्रीनगर के लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटाघर पर भी भारतीय जनता पार्टी द्वारा विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
देश के विभिन्न हिस्सों में केंद्रीय मंत्री, अधिकारी, छात्र, जवान और आम नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर इस दिन को उत्सव का रूप दिया।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की पहल को मिला समर्थन
संयुक्त राष्ट्र सहित दुनियाभर के देशों में भारतीय दूतावासों द्वारा योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। यूरोप, अमेरिका, एशिया और अफ्रीका के प्रमुख शहरों में भी योग सत्र आयोजित हुए, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
