छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: 22 आबकारी अधिकारी निलंबित, 39 का तबादला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन सभी पर शराब सिंडिकेट में शामिल होने और भारी भरकम अवैध कमाई का आरोप है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों ने मिलकर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी।

यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के बाद हुई है। चार्जशीट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ये अधिकारी कथित शराब घोटाले में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और अवैध वसूली से लेकर लाइसेंस प्रक्रिया तक में भ्रष्टाचार में संलिप्त थे।

तबादलों की सूची भी जारी
निलंबन के साथ-साथ विभाग ने 39 आबकारी अधिकारियों के तबादले भी किए हैं। आदेश में इसे ‘प्रशासनिक सर्जरी’ बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह तबादले भी इसी घोटाले के प्रभाव के रूप में सामने आए हैं। प्रदेश के कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया है।

यह आदेश वाणिज्यिक कर विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी किया गया है। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से इस मामले की जांच का जिम्मा EOW को सौंपा गया था, जिसने कई महीनों की पड़ताल के बाद अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की।

प्रदेश में हलचल, विभाग की साख दांव पर
इस कार्रवाई से प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच आगे भी इसी दिशा में जारी रही, तो और भी कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। आबकारी विभाग की साख पर उठे सवालों के बाद अब सरकार पर पारदर्शिता कायम रखने का दबाव भी बढ़ गया है।