छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: EOW ने तीन आरोपियों को लिया हिरासत में, आज कोर्ट में होगी पेशी

रायपुर।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय कुमार मिश्रा, उसके भाई मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, EOW ने पूछताछ में पाया है कि इन तीनों के पास शराब घोटाले से जुड़ी रकम की हेराफेरी, लेन-देन और अन्य अहम दस्तावेजों की जानकारी है। अभिषेक सिंह, आबकारी घोटाले के मुख्य आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा बताया जा रहा है।

नेक्स्टजेन पावर कंपनी के जरिए की गई थी शराब सप्लाई

जांच में सामने आया है कि संजय कुमार मिश्रा और मनीष मिश्रा ने मिलकर नेक्स्टजेन पावर नाम की कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के जरिए इन्होंने एफएल-10 लाइसेंस लेकर राज्य में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई की। इस पूरे प्रकरण में लाखों-करोड़ों के घोटाले का आरोप है।

भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी

इससे पहले 18 जुलाई को ईडी (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी इसी शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री और वितरण को लेकर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। आरोप है कि सरकार के संरक्षण में कुछ निजी कंपनियों और अफसरों ने सांठगांठ कर अवैध कमाई की। मामले में ईडी और EOW दोनों जांच कर रही हैं।