भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र सौंपा। धनखड़ ने कहा कि चिकित्सकों की सलाह पर अब वह अपनी स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देना चाहते हैं, इसलिए वह उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं।
धनखड़ ने राष्ट्रपति को भेजे गए अपने पत्र में आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दे रहा हूं। मैं महामहिम राष्ट्रपति का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे इस गरिमामय पद की जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया।”
तीन साल पहले संभाली थी उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारी
जगदीप धनखड़ ने 6 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी। इससे पहले वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं। 1989 में झुंझुनू लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे और वीपी सिंह व चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई, इसके बाद चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में पढ़ाई की। वह एनडीए में भी चयनित हुए थे लेकिन आगे की पढ़ाई का रास्ता चुना। राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक और फिर कानून की पढ़ाई की। जयपुर में लंबे समय तक वकालत भी की।
स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते लिया फैसला
मार्च 2025 में जगदीप धनखड़ को हार्ट संबंधी दिक्कत के चलते एम्स में भर्ती किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे अस्पताल में मुलाकात करने पहुंचे थे। इसके बाद से उनकी तबीयत को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
